नारस। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय चिकित्सा विज्ञान संस्थान 31 वर्ष के बाद आयुर्वेद की दिशा दशा एवं गुणवत्ता सुधारने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 14 मार्च को आयोजित करने जा रहा है।

आप को बता दें कि 1987 में प्रो केएन. उडूपा तथा प्रो एसएन. त्रिपाठी के निर्देशन मे ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

अब तक देश – विदेश के 1050 प्रतिभागियों न कराया है पंजीकरण

इस कार्यक्रम में अबतक देश एवं विदेश के लगभग 1050 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमेे से लगभग 30 प्रतिभागी विश्व के अन्य देशों जैसे अमेरिका, जर्मनी, रूस, स्वीटजरलैण्ड, नेपाल एवं श्रीलंका से आ रहें है।प्रत्येक दिन कार्यक्रम का प्रारम्भ प्रातः 8 बजे से वैज्ञानिक सत्रों के साथ शुरू किया जायेगा तथा उद्घाटन समारोह 14 मार्च अपरान्ह 3 बजे किया जायेगा एवं समापन समारोह 16 मार्च, 2019 को सायं 4 बजे किया जायेगा।

इन विषयों पर होगी चर्चा

इस कार्यक्रम में 6 पैनल डिसकसन होगें जिसमें- (1)एडवान्स मैथड ऑफ़ इनोवेशन इन आयुर्वेद, (2)एक्ट एवं प्रैक्टीस, (3) आयुर्वेद का आयुष्मान भारत में योगदान, (4) आयुर्वेद की शिक्षा एवं गुणवत्ता में बदलाव (5) आयुर्वेद में कम्प्यूटर आधारित विधियों को योगदान इत्यादि विषयों पर चर्चा की जायेगी।उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय भारत सरकार होंगे।

सम्मानित अतिथि के रूप में पद्मभूषण वैद्य देवेन्द्र त्रिगुण, अध्यक्ष आयुर्वेद महासम्मेलन दिल्ली, डाॅ दीलीप गोविन्द राव महेश्कर, कुलपति, महाराष्ट्र, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, नासिक तथा वैद्य केएस धीमान, महानिदेशक, सीसीआरएस., नई दिल्ली होगें। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएचयू के कुलपति प्रोराकेश भटनागर करेंगें।

निशुल्क स्वास्थ्य मेला का होगा आयोजन

इस संगोष्ठी में तीन दिवशीय निःशुल्क स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमें आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण और अनेक आयुर्वेद की मौलिक चिकित्सा विधियों जैसे जोंक चिकित्सा, नाड़ी चिकित्सा, अग्नि चिकित्सा, क्षारसूत्र चिकित्सा एवं पंचकर्म चिकित्सा विधि को प्रत्यक्ष दिखाने का प्रयास किया जायेगा।पंचकर्म चिकित्सा के बारे में करेंगे चर्चा संगोष्ठी में योग से रोगों की चिकित्सा पर अपने शोध प्रमाणों को विद्वतजन एवं आम जनता के समक्ष साझा करने के लिए अमेरिका एवं जर्मनी से महर्षि आयुर्वेद दल के सदस्य एवं वगैर एन्जीयोप्लास्टी के हृदय रोग में पंचकर्म चिकित्सा से ब्लाकेज को कम करने की विधि का विवरण देने के लिए विख्यात हृदय रोग चिकित्सकों का समूह माधवबाग संस्था तथा बालों का प्रत्यारोपण व आँख के डाॅ बसु आदि लोग इस कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे है।

आयुर्वेद के प्रति करेंगे लोगों को जागरूक

इस संगोष्ठी के माध्यम से संकाय प्रमुख प्रो. यामिनि भूषण त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि आयुर्वेद और लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता व विश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास आयुर्वेद संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की ओर से किया जा रहा है।

400 वैज्ञानिक पेश करेंगे शोधपत्र का प्रस्तुतीकरण

इस तीन दिवशीय संगोष्ठी में बारह विषयों के पचास वैज्ञानिक सत्र होगें जिसमें चार सौ से अधिक चयनित वैज्ञानिक शोधपत्रों एवं तीन सौ से अधिक पोस्टरों का प्रस्तुतीकरण किया जायेगा।