नारस। 16 मई 2018 को चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर हादसे के बाद कई सारी जांच समितियों ने इसमें ट्रैफिक व्यवस्था को दोषी पाया था। उस हादसे में डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा लोगों की मौत के बाद कुछ दिनों तक काम रोक दिया गया था। इसके बाद दुबारा कार्य शुरू हुआ पर ट्रैफिक डायवर्जन के साथ। अभी भी ये फ्लाईओवर निर्माणाधीन पर है, पर फिर वही लापरवाही देखने को मिल रही है। नीचे ट्रैफिक जाम लगा है तो ऊपर फ्लाईओवर पर बेतहाशा काम चल रहा है।

कैंट रेलवे स्टेशन के सामने से जो रास्ता इंग्लिशिया लाइन को जा रहा है वहां चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के पिलर का कार्य चल रहा है। लोहे के भारी गाटर इस फ्लाईओवर के निर्माणाधीन पिलर पर चढ़ाए जा रहे हैं, पर बिना किसी रुट डायवर्जन के। नीचे लगा टेम्पो का जाम इस बात की गवाही दे रहा है कि शासन-प्रशासन को लोगों की जिंदगी को लेकर कोई फ़िक्र नहीं है।

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वहीं निर्माण का काम देख रही कार्यदायी संस्था को काम पूरा करने की जल्दी है, तो वहीं टेम्पो व अन्‍य वाहनों को अपने अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी। ऐसे में ऊपर से एक पत्‍थर का टुकड़ा या लोहे का भारी भरकम सामान भी नीचे गिरा तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि इसी स्थान से रुट डायवर्जन है, पर चिंता वाली बात ये है कि यहीं पर कार्य भी चल रहा है, जो दुर्घटना को दावत दे रहा है। देखना यह होगा कि इस सम्बन्ध में जिले के अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं।

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