प्रतीकात्मक चित्र

नारस। जिला एवं सत्र न्यायलय में गुरूवार को उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब अधिवक्ता संजय कुमार सिंह के मुंशी की अचानक तबियत खराब हुई और वो दर्द से कराह उठे। इसपर अधिवक्ता उन्हें विकास भवन के बगल में स्थित कचहरी मेडिकल यूनिट में ले गए जहां कोई भी डाक्टर उपस्थित नहीं था। इस पर अधिवक्ताओं ने एम्बुलेंस को फोन किया पर वो भी समय से नहीं पहुंची और मुंशी की मौत हो गई।

सूचना पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मुआवज़े की मांग और लापरवही की बात रखी जिसपर एसपी सिटी ने जांच की बात कही है।

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दी बनारस बार के अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने इस सम्बन्ध में बताया कि शिवपुर थानाक्षेत्र के हटिया निवासी छन्नूलाल पटेल (65 वर्ष) अधिवक्ता संजय सिंह के मुंशी थे। आज लगभग साढ़े दस बजे मुंशी छन्नूलाल जी अचानक अधिवक्‍ता संजय सिंह की चौकी पर गिरकर छटपटाने लगे, जिसपर हम लोग उन्हें उठाकर कचहरी के लिये खोली गई कचहरी मेडिकल यूनिट में ले गए। वहां डाक्टरों के आभाव की वजह से उन्हें वापस चौकी पर ले आना पड़ा।

दी बनारस बार के अध्‍यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने बताया कि हमने एम्बुलेंस को फोन किया पर एंबुलेंस नहीं आयी। इस बीच एंबुलेंस के इंतजार में दर्द से छटपटाते हुए छन्‍नूलाल पटेल की मृत्‍यु हो गई। इसके डेढ़ घंटे बाद तक एंबुलेंस का कहीं पता नहीं चला। शिवपूजन सिंह गौतम ने प्रशासन से मांग की है कि एम्बुलेंस द्वारा समय पर नहीं पहुँचने की जांच की जाए और मृतक के परिजनों को मुआवज़ा दिया जाए।

वहीं इस घटना से वकीलों में आक्रोश बढ़ गया, जिसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे एसपी सिटी दिनेश सिंह ने अधिवक्‍ताओं को समझा बुझाकर शांत कराया। उन्‍होंने बताया कि वकीलों का आरोप है कि एम्बुलेंस देर से पहुंची वरना मुंशी की जान बचाई जा सकती थी। हम इसकी जांच करवा रहे हैं जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे।

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