नारस। पिछले कुछ समय से महामना की बगिया बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का नाम लगातार विवादों में रहा है। एक बार फिर यहां की चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह चर्चा में हैं। उनके खिलाफ बिड़ला होस्टल में रहने वाले एक दिव्यांग छात्र ने लंका थाने में तहरीर दी है।

तहरीर देने वाला दिव्यांग बीएचयू में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है और दिव्यांग है। लंका थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक 12 मार्च को हुए बवाल के बाद रात में अचनाक चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह एक दर्जन से अधिक सिक्योरिटी वालों के साथ बिड़ला हॉस्टल में तलाशी लेने पहुंचीं थीं। उन्होंने गार्ड्स को सभी छात्रों के कमरे जबरदस्ती खुलवा कर उनके कमरों की तलाशी लेने का निर्देश दिया।

छात्र के मुताबिक वह उस समय बरामदे में अपनी किताब लिए पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि जैसे ही चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह की नजर दिव्यांग छात्र पर पड़ी, उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए गार्ड्स से कहा कि इसे पकड़ो ये बाहरी छात्र है।

छात्र के मुताबिक चीफ प्रॉक्टर के इतना कहते ही दर्जन भर सिक्योरिटी गार्ड्स उस पर टूट पड़े और उसको पीटते हुए उसकी आंख फोड़ने की धमकी देने लगे। इतना ही इन लोगों ने छात्र का आई कार्ड भी छीन लिए।

छात्र का आरोप है कि विरोध करने पर चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने उसको कैंपस से ससपेंड करने की धमकी भी दी। पीड़ित छात्र ने लंका थाने में तहरीर देकर चीफ प्रॉक्टर समेत एक दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की पुलिस से अपील की है। इस मामले में लंका पुलिस का कहना है कि उन्हें तहरीर मिली है और वे इसकी जांच कर रहे हैं।