नारस। काशी में रंग का उत्सव रंगभरी एकदशी से शुरू होगा पर उसके पहले काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शनिवार को जमकर अबीर-गुलाल उड़े। छात्रों ने एक दुसरे को रंग और अबीर से सराबोर कर दिया। मौक़ा था होली के पहले विश्वविद्यालय के बंद होने का। इस दौरान मौक़ा नहीं जाने देना चाहता था अपनों के साथ रंग खेलने का।

ब्रज में होली की शुरुआत हुई तो फागुन का खुमार पूरे देश पर चढ़ गया। इसी क्रम में आज बंद हो रहे विश्विद्यालयों, कालेज और स्कूलों में छात्रों ने जमकर हली खेली। दोपहर बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भी रंग और अबीर से गुलाबी हो गया। छात्रों ने एक दुसरे के साथ जमकर होली खेली।

इस सम्बन्ध में बात करते हुए बीएचयू की हिन्दी डिपार्टमेंट की छात्रा संध्या सिंह ने बताया कि आज से विश्वविद्यालय होली के लिए बंद हो रहा है। कई सारे छात्र आज अपने अपने घरों को चले जाएंगे। ऐसे में हमने आज उन सभी के साथ होली खेली है जो होली के त्यौहार पर विश्विद्यालय या बनारस में नहीं रहेंगे।

विश्वविद्यालय के सभी विभागों के छात्र आज विश्वविद्यालय कैम्पस की सड़कों पर होली के उत्साह में डूबे हुए थे। छात्र संकल्प ने बताया कि होली का त्यौहार ऐसा त्यौहार है जिसमे सभी गीले शिकवे भूलकर सब पास आते हैं और एक दुसरे को रंग लगाते हैं। शायद ये होली विश्वविद्यालय में बने हुए अराजक माहौल को खत्म करने में कामयाब हो पाए।