अगर समाज सेवा करना है तो पुलिस से अच्छा कोई महकमा नहीं

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नारस। ‘अगर समाज की सेवा करनी हो वो भी त्वरित तो पुलिस डिपार्टमेंट से अच्छा कोई महकमा नहीं। ये कहना है साल 2012 बैच के डिप्टी एसपी और मौजूदा समय में भेलूपुर क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार का। कुशीनगर के निवासी डिप्टी एसपी अनिल कुमार के इन आदर्शों के बीच अपराधी ख़ौफ़ज़दा हैं।

फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया से रिटायर्ड रामजीत की पांच संतानों में सबसे छोटे अनिल कुमार इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट हैं। साल 2012 बैच का यह आफिसर 2014 में अंडर ट्रेनी दो महीना रहा। डिप्टी एसपी अनिल कुमार ने बताया कि कानपूर के बाद तीन महीना क्षेत्राधिकारी आज़मगढ़ सिटी रहा फिर अलीगढ ट्रांसफर हो गया और फिर वहां से वाराणसी आ गया, जहां सीओ सदर के बाद अब सीओ भेलूपुर का पद संभाल रहा हूँ।

रोहनिया थाने की मर्डर मिस्ट्री ने किया परेशान
अनिल कुमार ने बताया कि जब वो सीओ सदर थे तो एक 12 साल की लड़की का मर्डर हुआ था। यह एक ब्लाइंड मर्डर था। कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। रोहनिया पुलिस परेशान थी और सभी सुराग के लिए लगे हुए थे।

सर्विलांस विंग से ली मदद
सीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उसके बाद हमने जब सर्विलांस की मदद ली तो इस हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ। लड़की की मां का एक साथी ही लड़की का हत्यारा निकला। बाद में हमने उसे उसके मकान से गिरफ्तार किया।

भूसे में छुपा था हत्यारा
डिप्टी एसपी अनिल कुमार ने बताया कि महिला की काल डिटेल के बाद जब यह पता चला तो हमने महिला से पूछताछ की और उस व्यक्ति के घर पहुंचे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। ताला तोड़कर हमने तालाशी ली तो भूसे के ढेर में से बदमाश मिला।

यहाँ होती है त्वरित मदद
डिप्टी एसपी अनिल कुमार से जब पूछा गया कि आप के घर में कोई पुलिसविभाग से नहीं है फिर इस डिपार्टमेंट में कैसे आना हुआ तो बोले कि शुरू से यही देखा कि पुलिस डिपार्टमेंट ही एक ऐसा डिपार्टमेंट जिसमे आप समाज की त्वरित सहायता कर सकते हैं क्योंकि व्यक्ति परेशान होते ही सबसे पहले पुलिस के पास आता है और आप के पास उसकी मदद का मौक़ा।

पत्नी हैं डॉक्टर
सीओ अनिल कुमार की अभी हाल ही में शादी हुई है और उनकी पत्नी डॉक्टर हैं। फिलहाल वो घर पर रहकर पत्नी धर्म निभा रही हैं। वहीं अनिल कुमार के बड़े भाई घर पर रहकर खेती देखते हैं और उनकी सभी बहनों की शादी हो चुकी है।