नारस। बीएचयू के आईएमएस न्यूरोलॉजी विभाग में मंगलवार को ओपीडी में विश्व मिर्गी जनजागरण दिवस को पर्पल दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर पूर्व चिकित्साधीक्षक प्रो विजयनाथ मिश्र ने मिर्गी मरीजों को समय से खाना खाने, समय से सोने और खुश रहने की सलाह दी।

मिर्गी नहीं है वंशानुगत बिमारी

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वही कहा मिर्गी को वंशानुगत मानकर इलाज न कराना मूर्खता है, ऐसा नहीं कि मिर्गी लाइलाज है, इसका इलाज संभव है और कई नामचीन चेहरे इलाज कर साधारण जीवन यापन कर रहे है।

सही समय पर करें दवा का सेवन

इसके साथ उन्होंने विशेष रुप से महिलाओं और लड़कियों को होंने वाले मिर्गी के बाद फैली भ्रांतियों को तोड़ते हुए कहा कि शादी के बाद भी साधारण जीवन कोई भी महिला और लड़की यापन कर सकती है बशर्ते वह दवा का सेवन सही समय से करे। मिर्गी मरीजों को गर्भावस्था में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होती, और होने वाले बच्चे को इस समस्या से बचाया जा सकता है।

मोहमदाबाद निवासी मिर्गी मरीज लड़की मुन्नी (परिवर्तित नाम) ने जब अपने शादी का कार्ड अपने चिकित्सक प्रो. विजयनाथ मिश्र को दिया तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा। उन्होने कहा कि यह हमारे मिशन ‘न्यूरोलॉजिस्ट बने अगुआ, तभी मनेगा फगुआ’ को साकार करने की दिशा में एक कदम और है।

प्रो विजय नाथ मिश्र ने मरीजों को बाटा बैगनी दुपट्टा

उन्होंने मरीजों से अपील करते कहा कि कभी भी ससुराल पक्ष से इस बीमारी को लेकर न छुपाए। मिर्गी आने पर न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें और इलाज कराए, इस दौरान मरीजों को प्रो मिश्र ने बैगनी दुपट्टा भेंट कर मिर्गी से लड़ने का संकल्प दिलवाया। इस दौरान ड़ॉ प्रेरणा, ड़ॉ रूपेश के साथ मरीज व न्यूरोलॉजी विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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