नारस। नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध चुनाव लड़ने का एलान कर चुके भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण का पहला वाराणसी दौरा विवादों में घिरता नज़र आ रहा है, जहां एक तरफ ज़िला निर्वाचन कार्यालय से उन्हें अपने पहले दौरे पर रोड शो की अनुमति नहीं मिली है वहीं उनके प्रतिनिधि कानून व्यवस्था को हाथ में लेकर रोड शो करने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं अब इस रोड शो का विरोध वाराणसी के वकीलों ने भी शुरू कर दिया है और ज़िला प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि चंद्रशेखर रावण को रोड शो की अनुमति ना दी जाए।

2019 लोकसभा चुनाव मे वाराणसी लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की तैयारी कर चुके भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर कल एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं। 30 मार्च को चंद्रशेखर रावण यदि वाराणसी जिला निर्वाचन कार्यालय से अनुमति मिलती है तो वो वाराणसी में रोड शो कर लोकसभा चुनाव का आगाज करेंगे। वहीं चंद्रशेखर के आने को लेकर वाराणसी में विरोध भी शुरू हो गया है। वाराणसी के वकीलों ने जिला प्रशासन से पत्रक देकर या मांग की है कि चंद्रशेखर को वाराणसी में रोड शो करने का परमिशन ना दी जाए क्योंकि इससे आपसी सौहार्द और धार्मिक सौहार्द को ठेस पहुंचेगी।

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इस सम्बन्ध में वकील रतनदीप का कहना है कि जिस प्रकार से भीम आर्मी के चीफ लगातार देश विरोधी और धर्म विरोधी बयान देते रहते हैं और उनके कार्यकर्ता धार्मिक भावनाओं को भड़काते रहते हैं। ऐसे में धर्म की नगरी काशी में उनके रोड शो होने से धार्मिक सौहार्द बिगड़ सकता है। इस वजह से हम सभी वकील जिला प्रशासन से मांग करते हैं उन्हें वाराणसी में कार्यक्रम करने का परमिशन ना दिया जाए । यही नहीं वकीलों ने यह भी कहा कि यदि उनके कार्यक्रम के दौरान कुछ भी धार्मिक या सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है तो इसके जिम्मेदार भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर होंगे ।

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