सम्पत्ति के लिए बड़े बेटे ने बनाया था माता-पिता को बंधक, पुलिस ने किया रेस्क्यू

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नारस। माता-पिता व्यक्ति के सांसारिक सुख और सफलता का सबसे बड़ा स्रोत होते हैं पर कुछ कलयुगी संतान इसी स्रोत को बंधक बनाने में नहीं चूकती है। ऐसा ही मामला शहर के मंडुआडीह थाने में उस समय प्रकाश में आया जब मंडुआडीह थानाक्षेत्र के भूलनपुर स्थित वाल्मीकि बस्ती से स्थानीय लोगों का फोन मंडुआडीह एसओ संजय त्रिपाठी को गया। फिलहाल पुलिस ने बुज़ुर्ग दंपत्ति को उनके बड़े बेटे और बहु के चंगुल से आज़ाद तो कराया पर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।

इस सम्बन्ध में मंडुआडीह एसओ संजय त्रिपाठी ने बताया में की थानाक्षेत्र के भूलनपुर स्थित वाल्मीकि बस्ती के रामाशीष यादव के विरुद्ध शिकायत मिली कि इन्होने अपने बुज़ुर्ग माता पिता को अपने ही घर में नज़रबंद करके रखा हुआ है और उन्हें यातनाए देते हैं। इसपर आज रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए दिलदारनगर जनपद गाज़ीपुर निवासी लाल जी यादव (70 वर्ष ) और उनकी पत्नी मुनेश्वरी देवी (65 वर्ष ) को मुक्त कराया गया है। मौके से रामाशीष और उसकी पत्नी भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

एसओ संजय त्रिपाठी ने बताया कि लाल जी यादव के दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र रामाशीष उन्हें अपनी पत्नी के साथ मिलकर दिलदारनगर से वाराणसी ले आया था ताकि ये लोग संपत्ति छोटे बेटे के नाम न कर दें। यहां उन्हें एक कमरे में कैद रखा गया था और उन्हें कहीं भी जाने की इजाज़त नहीं थी। यहां तक की उन्हें एक टाइम का खाना दिया जाता था। लालजी यादव ने बताया कि उन्हें शौच करने के लिए भी बाहर नहीं निकलने नहीं दिया जाता था बहु सत्ती देवी हमें प्रताड़ित भी करती थी।

फिलहाल पुलिस ने दंपत्ति को उनके छोटे बेटे रामविलास के सुपुर्द कर फरार पति पत्नी के विरुद्ध सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश तेज़ कर दी है।