मृतक गौरव सिंह की फाइल फोटो

नारस। काशी हिन्दू विश्विद्यालय के छात्र गौरव सिंह हत्याकांड के आरोपी छात्र मंगलम सिंह और आशुतोष पांडेय को लंका पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। जेल भेजे गए दोनों छात्र इस हत्या के समय मौके पर मौजूद थे। पुलिस के अनुसार मंगलम ने गौरव को लक्ष्य कर गोली चलाई थी। पुलिस ने बताया कि यह विवाद सरस्वती पूजा में हुई कहासुनी के बाद बढ़ा और इसकी रंजिश में गौरव की हत्या की गई।

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बीएचयू के छात्र गौरव सिंह की मंगलवार की शाम गोली मारकर बीएचयू के बिरला छात्रावास के पास हत्या कर दी गई थी। गौरव की ह्त्या में ग्यारह लोगों के ऊपर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जिसमे मुख्य षड्यंत्रकारी विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर रायना सिंह को बनाते हुए उनके विरुद्ध भी नामजद कम्प्लेन दर्ज की गई है।

वहीं लंका पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल दो नामजद अभियुक्तों आशुतोष त्रिपाठी निवासी बांदा जनपद और मंगलम सिंह निवासी फैज़ाबाद जनपद को जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में मंगलम सिंह ने बताया कि उस दिन दो बाईक पर 6 लोग गौरव की हत्या करने के लिए आए थे और जिस अपाचे बाईक से और लोग आए थे वो चोरी की थी जिसे हत्या के लिए चुराया गया था।

मंगलम सिंह ने पूछ्ताछा में बताया क़ी सरस्वती पूजा के समय से ही हम लोगों का गौरव से मनमुटाव चल रहा था। हमने सरस्वती पूजा को खराब करने की भी कोशिश की थी पर उसमे सफल नहीं हो पाए थे। वहीं दुसरे दिन गौरव के भाईने हमारे हास्टल में घुसकर फायरिंग की हम बीच बचाव करने लगे तो हमे भी मारा उसके बावजूद गौरव ने हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया और हमारे मित्र पवन मिश्रा के विरुद्ध भी मुकदमा पंजीकृत करवाकर उसे जेल भेज दिया।

इसी खुन्नस में बदले की भावना से जेल मे बंद पवन मिश्रा ने अपने बिहार के दो मित्रों के हाथों असलहा विश्वविद्यालय पहुंचवाया था। उसी असलहे से गौरव की ह्त्या की गई और असलहा और चोरी की बाईक लेकर वो दोनों फरार हो गए। ये दोनों विश्वविद्यालय के छात्र नहीं है। पुलिस ने बताया कि उनकी धर पकड़ के लिए पुलिस टीम लगी हुई है जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

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