पुलवामा हमले में कोई गुजराती सैनिक नहीं मरा, गुजरात में सिर्फ लुटेरे पैदा होते हैं : मोहम्मद अब्बास

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नारस। पुलवामा आतंकी हमले में गुजरात का एक भी सैनिक नहीं मरा। गुजरात मे तो केवल लुटेरे पैदा होते हैं, नीरव मोदी जैसे देश को लूटने वाले सारे गुजराती हैं। उस हमले में यूपी-बिहार जैसे राज्यों के सैनिक शहीद हुए लेकिन गुजरात का एक भी नहीं। उक्त बातें वाराणसी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मोहम्मद अब्बास ने कही। उन्होंने कहा कि जिस दिन सारा देश शोक में था उसके अगले दिन नरेंद्र मोदी ट्रेन को झंडी दिखाकर सेल्फी ले रहे थे। सारा देश रो रहा था तब नरेंद्र मोदी अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि शर्म की बात है कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान दिवस की बधाई देते हैं। 125 करोड़ भारत वासी देशभक्त हैं न कि नरेंद्र मोदी, इनकी देशभक्ति खोखली और फ़र्ज़ी है। इनकी पाकिस्तान से सांठ-गांठ है कि तुम छद्म युद्ध करो, पाकिस्तान को दुनिया से भीख मिल जाएगी और इन्हें वोट।

निरहू को क्या पता क्या होती है देशभक्ति
समाजवादी सरकार में श्रम विभाग के सलाहकार रहे मोहम्मद अब्बास ने अखिलेश यादव को राष्ट्रभक्ति न मालूम होने का बयान देने वाले दिनेश लाल निरहु का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति की एबीसीडी दिनेश लाल निरहू को क्या पता होगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की देशभक्ति पर शक करने वाले ओछी बातें न करें। अखिलेश यादव खुद सैनिक स्कूल से पढ़े हैं, उनके ससुर खुद सेना के बड़े अफसर रहे हैं । अखिलेश यादव के पिता देश के रक्षा मंत्री रहे हैं और उन्होंने सीमा पर जाकर सैनिकों का हौसला बढ़ाया था।

मुद्दों को दबा रहे हैं देशभक्ति से
उन्होंने भाजपा नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इन लोगों को अखिलेश यादव जब बेरोजगारी का मुद्दा उठा दें, शिक्षामित्रों का मुद्दा उठा दें तो देशभक्ति याद आ जाती है। अखिलेश यादव जब जब आत्महत्या कर रहे किसानों की बात करते हैं या फिर देशहित के मुद्दे उठाते हैं तो ये लोग देशभक्ति की आड़ में उन मुद्दों को दबाना चाहते हैं।

वादों के लिए पूछो तो करते हैं देशभक्ति की बात
मोहम्मद अब्बास ने कहा कि जिस दिन बीजेपी चुनाव हार जाएगी और नरेंद्र मोदी सत्ता से बाहर हो जाएंगे, सीबीआई की जांच होगी तब बीजेपी के घोटाले खुलेंगे और ये लोग जेल जाएंगे। बीजेपी अपना पिछला घोषणापत्र क्यों नहीं याद करती, लंबे चौड़े वादे कर के आये थे और एक भी वादा पूरा नहीं किया। पूछा जाता है तो देशभक्ति की बात करते हैं।