नारस। बीते विधानसभा चुनाव में खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले उम्मीदवारों पर चुनाव आयोग का चाबुक चला है। आयोग ने बनारस समेत पूर्वांचल के 13 जिलों के ऐसे 54 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। ये उम्मीदवार अब अगले पांच साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि वाराणसी जनपद के 19 उम्मीदवारों को अगले पांच साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ये सभी वो उम्मीदवार है जिन्होंने अपने चुनाव खर्च का ब्योरा आयोग को नहीं उपलब्ध करवाया था।

भरता निर्वाचन आयोग ने इस बार सख्ती के साथ चुनाव काराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। चुनाव आयोग ने वाराणसी के 19 ऐसे उम्मीदवारों को अगले पांच साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया है जो पूर्व में चुनाव तो लादे हैं पर उन्होंने अपने चुनावी खर्च का ब्योरा निर्वाचन आयोग को उपलब्ध नहीं करवाया है। वाराणसी के जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने अयोग्य घोषित किए गए 19 उम्मीदवारों को सूचीबद्ध करते हुए सभी प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि उम्मीदवारों पर नजर रखें ।

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इस सम्बन्ध में जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव मे निर्दल उम्मीदवारों ने अपना खर्च का ब्योरा देने मे आनाकानी करते है । कई नोटिस के बावजूद खर्च का ब्योरा उपलब्ध नही कराने पर आयोग ने सख्ती की है ।

उन्होंने बताया कि 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले ऐसे उम्मीदवार जो अयोग्य घोषित किये गये है वो 7 जुलाई 2021 तक किसी भी तरह का चुनाव नही लड़ सकेंगे। वही 2014 मैं लोकसभा चुनाव मैं अयोग्य घोषित प्रत्याशी 7 दिसम्बर 2019 तक चुनाव नही लड़ सकते ।

इनपर हुई कार्रवाई
पूर्वांचल में सबसे अधिक 19 उम्मीदवारों पर वाराणसी में कार्रवाई हुई है। इनमे विजय प्रकाश जायसवाल, वसीर किन्नर, बच्चे लाल, इफ़्तेख़ार कुरैशी, शिवकुमार शाह, केरल से आकर चुनाव लड़ने वाले जांनसन थामस, शिवहरी अग्रवाल, उस्मान, हरिलाल, नागेन्द्र प्रताप, मनोज कुमार, जयशंकर सिंह, डॉ शिवाजी पटेल, मुरारी, महेंद्र प्रताप गौतम, मूसा अंसारी, सूरज व किशन सेठ शामिल हैं।

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