नियमों को ताक पर रखकर बनारस में चला रहा है ये ‘खूनी-खेल’, स्टिंग में खुली पोल

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नारस। भारत की राष्ट्रीय रक्त नीति के अनुसार ब्लड डोनेशन या किसी मरीज़ के लिए ब्लड लेने का कार्य या तो रजिस्टर्ड ब्लड बैंक करेगा या वो अस्पताल जिसमे रजिस्टर्ड ब्लड बैंक स्थापित हैं। मगर हकीकत ये है कि वाराणसी शहर में कुकुरमुत्तों की तरह उग आये नर्सिंग होम और अस्पतालों में जबरदस्त तरीके से खूनी खेल चल रहा है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

फिलहाल रक्त दान और अंग दान के लिए पूरे भारत में सरकार के साथ मिलकर सक्रिय भागीदारी निभा रही संस्था साधना फाउंडेशन की ओर से किये गये एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद जिले के कई नर्सिंग होम संचालकों में हडकंप मचा हुआ है। संस्था के राष्ट्रीय सचिव सौरभ मौर्या ने Live VNS को लंका थानक्षेत्र के चितईपुर चौराहा स्थित रॉयल हॉस्पिटल का एक स्टिंग वीडियो उपलबध करवाया है।

इस वीडियो में अस्पताल के डाक्टर बड़ी बेफिक्री से ये स्वीकार कर रहे हैं कि ”हम यहां ब्लड लेते हैं और उसकी मैचिंग करवाते हैं और फिर उसे मैच करने के बाद मरीज़ को चढ़ा देते हैं, जबकि उनके यहां ब्लड बैंक नहीं है और ब्लड बैंक ना होने पर ऐसा कृत्य करना कानून अपराध है।

इस संबंध में साधना फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव सौरभ मौर्या ने बताया कि हमारी संस्था लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करती है। साथ ही हम ज़रूरतमंदों को ब्लड भी उपलब्ध करवाते हैं। इसी क्रम में हमें बैंक कालोनी महमूरगंज निवासी आशीष जी का एक काल आया था। आशीष ने बताया कि उनकी मौसी जो की चितईपुर चौराहा स्थित रॉयल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, उन्हें एक यूनिट A पाज़ीटिव ब्लड की आवश्यकता है। आशीष ने हमें बताया कि उनके पास एक दूसरे ग्रुप का डोनर है। इसपर हमने उनसे कहा कि यदि आप के पास दूसरे ग्रुप का डोनर है तो उन्हें लेकर ब्लड बैंक चले जाइये आप को आप के ब्लड ग्रुप का ब्लड मिल जाएगा।

इसपर आशीष ने हमें बताया कि अस्पताल के लोग कह रहे हैं कि यदि सेम डोनर मिल जाएगा तो हम यहीं ब्लड निकालकर तुरंत मौसी जी को चढ़ा देंगे। सौरभ ने बताया कि यह बात सुनकर मेरा दिमाग ठनका क्योंकि कोई भी आम हॉस्पिटल किसी का भी ब्लड नहीं निकाल सकता जब तक की उसके पास ब्लड बैंक का लाइसेंस ना हो। यह एक कानून अपराध है। सौरभ ने बताया कि यदि किसी हॉस्पिटल में एक बैग भी बरामद हो जाएगा ब्लड से रिलेटेड तो वह कानून जुर्म की श्रेणी में आएगा। इसलिए वहां पहुंचकर मैंने हॉस्पिटल का स्टिंग ऑपरेशन किया तो उन्होंने कहा कि हम ब्लड एकत्रित करते हैं।

सौरभ ने बताया कि इस सम्बन्ध में लंका थाने में और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र कार्रवाई के लिए दिया गया है। इस सम्बन्ध में जब मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ बीबी सिंह ने बताया कि साधना फाउंडेशन की तरफ से एक शिकायती पत्र सोमवार को मिला है। दो डाक्टरों की जांच कमेटी बनाई गयी है, जो इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। साथ ही ड्रग इन्स्पेक्टर को भी इसके सम्बन्ध में लिखा गया है। एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।