नारस। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन देवी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी माँ बागेश्वरी देवी मंदिर जैतपुरा में। चैत्र नवरात्र के पांचवे दिन मां स्कंदमाता के रूप का दर्शन का विधान है। वाराणसी में माँ स्कंदमाता बागेश्वरी देवी के रूप में विद्यमान है। यहाँ माँ स्कंदमाता का बागेश्वरी रूपी भव्य मंदिर मंदिर अति प्राचीन है। रात से ही यहां मां के दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ती है।

मां की महिमा के बारे में बात करते हुए स्कंदमाता मंदिर के महंत बागेश्वरी प्रसाद मिश्रा ने बताया कि माँ स्कंदमाता रूपी बागेश्वरी को दुर्गा और गौरी दोनों ही स्वरूपों में पूजा जाता है। मां को नारियल चढाने का विशेष महत्व है। मां को चुनरी के साथ लाल गुड़हल की माला और मीठे का भी भोग लगाया जाता है, जिससे मां अपने भक्तो को सदबुद्धि और विद्या के अनुरूप वरदान देती है।

महंत बागेश्वरी प्रसाद मिश्रा ने बताया कि मां के दरबार में सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं परन्तु जो निसंतान है वो यदि रोज़ यहां मां के चरणों में दंडवत प्रणाम करें तो प्राप्ति अवश्य होती है। माता के मंदिर में प्रसाद के रूप में नारियल,लाइची दाने के साथ-साथ किशमिश का भी वितरण होता हैं। वाराणसी का स्कन्द माता बागेश्वरी रूपी दुर्गा मंदिर सैकड़ो वर्षो से भक्तो की आस्था का केंद्र रहा।

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