नारस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी के अस्सी घाट से सफाई का अभियान शुरू करने के साथ ही नगर निगम ने अपनी कमर कस ली थी। अगस्त 2015 में वाराणसी नगर निगम में नगर आयुक्त का पद संभालने वाले डॉ श्रीहरी प्रताप शाही ने काशी की गलियों और सड़कों पर गन्दगी फैला रहे लोगों, दूध की डेरियों और पशुपालकों के लिए फरमान जारी किया था। गन्दगी सड़क पर और गलियों में करने पर जुर्माने का प्रवधान था पर एक महीने के बाद सब अपने पुराने ढर्रे पर आ गया।

हाल ही में NGT (national green tribunal) द्वारा बनारस में सफाई व्यवस्था के खराब होने की रिपोर्ट के बाद मौजूदा नगर आयुक्त आशुतोष कुमार दिवेदी ने अभियान चलकर सड़कों और गलियों मे गन्दगी फैलाने वालों पर जुर्माने का फरमान जारी किया है। नगर आयुक्त कार्यालय के अनुसार सड़क किनारे निर्माण सामाग्री रखने या मलबा रखने पर 50 हज़ार तक का जुर्माना किया जाएगा।

नगर आयुक्त द्वारा नगर निगम जोनवार टास्क फ़ोर्स गठित की गयी है। प्रत्येक टास्क फ़ोर्स में अफसर से लेकर नगर निगम कर्मी को शामिल किया गया है। ये टास्क फ़ोर्स अपने अपने ज़ोन में सुबह से ही निकल कर कार्रवाई शुरू करेगी। इसमें सड़क किनारे दूध डेयरी द्वारा सार्वजनिक स्थल पर गोबर निस्तारण या पशु पालने पर 20 हज़ार का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा गली और सड़क पर यदि कोई कूड़ा जलाते मिला तो उसके ऊपर भी एक हज़ार रूपये जुर्माने के रूप में लगाए जायेंगे।

यदि इस टास्क फोर्स को किसी दुकानदार के पास पालीथीन मिलती है, जिसे प्रतिबंधित किया गया है शासन की तरफ से तो उस दुकानदार के ऊपर 25 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस सम्बन्ध में बात करते हुए नगर आयुक्त आशुतोष कुमार दिवेदी ने बताया कि हम पूरे शहर में यह अभियान चला रहे हैं और यह टास्क फ़ोर्स अपना कार्य पूरी मेहनत से कर रही है। पशु पालकों को वीडीए द्वारा बनायीं गयी कैटल कालोनी के लिए बताया जा रहा है साथ ही सड़क किनारे गन्दगी करने वालों पर जुर्माने की भी कार्रवाई चल रह है। अभी तक नियम तोड़ने वालों से 60 हज़ार से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

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