नारस। बुधवार की शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चेतगंज थाने पर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किया। इस लाठी चार्ज के बाद देर रात पुलिस ने इन छात्रों पर लाठी के बाद कई धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया। इस लाठी चार्ज मे घायल छात्रों का इलाज कबीरचौरा अस्पताल में चल रहा है। इलाज करवा रहे छात्रों ने बताया कि थाना प्रभारी महोदय हमसे मिलने तो आये पर उन्होंने कहा कि ‘कप्तान साहब के यहां चलिए वहां सिस्टम हो जाएगा।’

बुधवार की शाम थानाध्यक्ष द्वारा अभद्रता का आरोप लगाकर चेतगंज थाने के बाहर सड़क पर धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस ने अंधेरे में बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किया, जिसका दर्द लिए कबीरचौरा अस्पताल में छात्र कराह रहे हैं। उनकी आंखों में आंसू है तो प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी है। लाठी चार्ज में घायल छात्र शुभम कुमार सेठ भी यहां भर्ती हैं। ये काशी विद्यापीठ के छात्र हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणीं के सदस्य हैं।

शुभम सेठ ने बताया कि कल हम लोग शाम में आज़ाद पार्क में एक कार्यक्रम की परमिशन के लिए अपने संगठन मंत्री के साथ चेतगंज थानाध्यक्ष दिनेश प्रताप पांडेय के पास पहुंचे थे। वहां उन्होंने हमारे साथ अभद्रता की और हमें बाहर निकलवा दिया, जिसपर हम लोग चेतगंज थाने के बाहर धरना दे रहे थे। उसी समय पुलिस ने थानाध्यक्ष के कहने पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज करवा दिया। इसमें मै और मेरे अन्य साथी घायल हो गए जिनका यहां इलाज चल रहा है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

शुभम ने बताया कि हमारा हाल चाल जानने के लिए थानाध्यक्ष महोदय भी अस्पताल आये थे पर उन्होंने हमारा हाल नहीं पूछा बस इतना कहा कि ‘कप्तान साहब के यहां चलिए वहां सिस्टम हो जाएगा।’

इस सबंध में जब हमने सीओ चेतगंज अंकिता सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि कल रात 9 बजे के आस पास कुछ छात्रों को थाना प्रभारी पकड़ कर लाये थे। कुछ ही देर बाद अन्य छात्र वहां पहुंचे और उन छात्रों को छोड़ने की बात कही जिसपर थानाध्यक्ष महोदय ने साफ़ मना कर दिया तो इन्होने धरना शुरू किया। इनको समझाने का प्रयास किया गया तो इन्होने पुलिस प्रशासन को अपशब्द कहना शुरू किया इसपर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस सम्बन्ध में तीन नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148 ,323 ,504, 506 ,353 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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