चैत्र नवरात्र : सातवें दिन कीजिये मां कालरात्रि के दर्शन, ये करती हैं शत्रुओं का नाश

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नारस। चैत्र नवरात्र अब अपने अंतिम दौर में है। आज सातवें दिन मां कालरात्रि के दर्शन का विधान है। इनका मंदिर धर्म की नगरी काशी में कालिका गली में स्थित है। मां के दर्शन मात्र के लिए देर रार्ट से ही श्रद्धालू कतारबद्ध थे। मां की मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोल दी गये। मान्यता के अनुसार मां कालरात्रि सभी काल और शत्रुओं का नाश करने वाली मां हैं। दर्शनार्थियो के भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के आसपास प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम भी किये गए हैं।

मां कालरात्रि की महिमा के बारे में बात करते हुए मंदिर के पुजारी अक्षय केशरी ने बताया कि नवरात्र में मां के सप्तम स्वरूप कालरात्रि देवी की पूजा का विधान है। भोर से ही मां की आरती के बाद भक्तो के दर्शन करने का सिलसिला शुरू हो गया हैं।  मां की एक झलक पाकर भक्त निहाल हो उठते हैं। उन्होंने बताया कि मां के दर्शन पूजन से अनेक प्रकार के लाभ होते हैं।  मां के भव्य स्वरूप के दर्शन जीवन में आने वाले समस्त काल का विनाश होता हैं। मां कालरात्रि को शत्रु नाशक देवी माना जाता है। इसलिए यहां नवरात्र के अलावा आम दिनों भी भक्तों की भीड़ रहती है।

अक्षय केशरी ने बताया कि यहां मां को नारियल बलि के रूप में चढ़ाने की परंपरा है। मां को चुनरी के साथ लाल गुड़हल की माला चढ़ाई जाती है। साथ ही यहां अगर वो शादी शुदा दम्पति दर्शन पूजन करे जिनका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा है। ऐसे शादी शुदा लोगों का जीवन सुखी और समृद्ध हो जाता है मां के आशीर्वाद से।