नारस। वर्तमान समय में प्रदूषण के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियों ने अपने चपेट में ले लिया है। वातारवरण में विषैली गैस कातिल बनकर चल रही है। लेकिन इससे सम्बंधित विभाग इसके रोक – थाम के लिए कोई कारगर उपाय नहीं कर रहा है।

वही वाराणसी के चांदपुर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित  कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र से लगा हुआ उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम वाराणसी का बीज विधायन संयन्त्र  स्थापित है। जिससे बीज की प्रोसेसिंग किए जाने के कारण धूल के कण के साथ ही बीज में मिलाए जा रहे अन्य तरह के हानिकारक कीटनाशक रसायन के कण हवा में फैलने से यहां बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण हो रहा है, इससे यहां कार्यरत, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आने जाने वाले किसानों एवं आमजन क्षेत्रीय निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

विज्ञापन

कई बार कर चुके है शिकायत 

जिस बावत क्षेत्रीय निवासियों, आमजन, जनप्रतिनिधियों कार्यरत कर्मचारियों, अधिकारियों ने विभिन्न तिथियों पर कई बार आला अधिकारियों को लिखित, मौखिक, टेलिफोनिक माध्यम से इस समस्या से अवगत कराया परंतु आज तक समस्या का निराकरण समाधान नहीं होने से अनवरत वायु प्रदूषण फैलने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर लगातार पड़ रहा है।

गंदगी से भी फ़ैल रहा प्रदूषण  

इसके अलावा क्षेत्र में कई फैक्ट्री संचालित हो रही है। इससे इन फैक्ट्रियों से क्षेत्रवासी वायु प्रदूषण से परेशान हैं। चांदपुर चौराहे पर ट्रैफिक जाम लगने नियमित साफ सफाई नहीं होने से प्रदूषण की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।

जिसको लेकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने सरकार व प्रशासन को पत्र लिखकर शहर के विभिन्न रिहायशी इलाकों में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने की मांग की है।

राजकुमार गुप्ता  ने कहा कि कहा कि प्रदूषण विभाग को रिहायशी इलाकों स्कूलों के आस-पास व मोहल्लों में प्रदूषण जांच यंत्र लगाने चाहिंए और उस जांच में पाए गए प्रदूषण की रोकथाम में पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।

प्रदूषण के मामले है वाराणसी का तीसरा स्थान 

वही उन्होंने कहा कि शहर में पूरे देश के मुकाबले प्रदूषण के मामले में वाराणसी तीसरे स्थान पर होना गंभीर मसला है। इसके लिए प्रदूषण विभाग व सरकार को यहां पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

प्रदूषण के कारण स्कूली बच्चों को हो रही मुश्किलों को हल करवाएं। इस वायु प्रदूषण से बच्चों का जीवन प्रभावित हो रहा था, जो एक बेहद चिंता की बात है। राजकुमार गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा है अगर समय रहते प्रदूषण विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो इसकी शिकायत एनजीटी में किया जाएगा।

विज्ञापन
Loading...