‘एक ही भूल, कमल का फूल’ का स्लोगन लिख विश्वनाथ मंदिर गेट पर विरोध कर रहा है ये दुकानदार, जानिए वजह

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नारस। विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार पर सन 1872 में स्थापित कारमाइकेल लाइब्रेरी एसोसिएशन की बिल्डिंग में प्रसाद, माला और फल बेचने वाले दुकानदार ने भारतीय जनता पार्टी का विरोध शुरू कर दिया है। इस दुकानदार ने अपनी दूकान पर आगे ही एक बोर्ड लगा रखा है कि ‘एक ही भूल, कमल का फूल, मोदी जी रोज़गार का इंतज़ाम करो।’ आखिर क्या वजह है कि दुनिया जिसे विकास पुरुष के नाम से जान रही है उससे ही यह काशी का दुकानदार गुहार लगा रहा है।

इस सम्बन्ध में हमने दूकानदार राजेंद्र बरनवाल से बात की, राजेंद्र ने बताया कि विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर कई लोग उजाड़ दिए गए और कई लोग अभी भी उजाड़े जा रहे हैं। कारमाइकेल लाइब्रेरी में हमारी दुकान पिछले दस सालों से है। हमारे पिता जी दुर्गा प्रसाद बरनवाल ने इसे शुरू किया था। विश्वनाथ कारीडोर में ये कारमाइकेल लाइब्रेरी भी चिन्हित है, इसलिए हमसे बार बार यह दुकान छोड़ने की बात कही जा रही जबकि हमें मुआवज़ा बहुत कम दिया जा रहा है।

राजेंद्र ने बताया कि हमारे परिवार में कुल 12 लोग हैं, जिनका भरण पोषण इसी दुकान की कमाई से होता है। मुआवज़े के नाम पर एक से दो लाख की बात कर रहे हैं। उसमे हमारा गुज़ारा कैसे होगा। हमने भाजपा को वोट विकास के लिए दिया था पर कहीं से भी विकास नहीं हुआ इसलिए हमने यह बोर्ड लगाया है ताकि जनता भी इस बोर्ड से सीख ले।