नारस। बनारस के दुर्गाकुंड इलाके में रहने वाले 123 साल के स्वामी शिवानंद ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावक बनने के साथ साथ उनसे मिलने की इच्छा ज़ाहिर की है। स्वामी शिवानंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करते हुए उन्हें जीत के लिए अग्रिम बधाई भी दी। स्वामी शिवानंद ने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आग्रह पर ही भारत के इस महापर्व में पहला वोट डाला था।

स्वामी शिवानंद ने बताया कि वो दिल की गहराइयों से मोदी जी से प्यार करते हैं। 123 साल में मैंने इतना ईमानदार व्यक्ति मैंने नहीं देखा। उन्होंने कहा कि इस जीवन में किसी राजनीतिज्ञ को और न ही किसी सोशल व्यक्ति को इतना ईमानदार देखा है। वहीं स्वामी शिवानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा भी ज़ाहिर की और कहा कि मै ऐसे व्यक्ति से मिलना चाहता हूँ जो देश को विकास के पथ पर ले जा रहा है।

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वहीं स्वामी शिवानंद से जब पूछा गया कि क्या आप मोदीजी के प्रस्तावक बनना चाहते हैं, इसपर उन्होंने हामी भरी और कहा कि देश के विकास के लिए मोदी जी का प्रधानमंत्री बनना ज़रूरी।

बता दें कि स्‍वामी शिवानंद ने 121 साल की उम्र में पहली बार अपना वोट डाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उन्होंने 2017 विधानसभा चुनाव में दुर्गाकुंड स्‍थित प्राथमिक पाठशाला के बूथ संख्या 385 पर वोट डाला था।

कौन हैं स्वामी शिवानंद
स्वामी शिवानंद बताते हैं कि उनका जन्‍म 8 अगस्‍त 1896 को बांग्‍लादेश के श्रीहट्ट जिले में एक गरीब परिवार में हुआ था। मां-बाप भीख मांगकर घर चलाते थे, इसलिए कभी भी उनका पेट नहीं भरा। गरीबी की ही वजह से उन्‍होंने उन्हें बाबा गुरुदेव को सौंप दिया गया। 1903 में जब वह अपने गांव श्रीहट्ट वापस गए तो पता चला कि भूख के कारण मां-बाप की भी मौत हो चुकी है। इसके बाद बाबा वापस आश्रम आ गए और 1907 में गुरुजी से दीक्षा ली। गुरुजी की मौत के बाद 1977 में वृंदावन चले गए। 1979 के बाद काशी आए और यहीं रहने लगे। कबीरनगर के एक आश्रम में बाबा कई साल से रह रहे हैं।​

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