शर्मनाक! वाराणसी में कवियों से हुई मारपीट और लूट, आरोप पुलिस नही कर रही सहयोग

0
30

नारस। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और यहां की पुलिस के लिए बेहद ही शर्मनाक घटना है। मंगलवार को डीएलडब्लू में होने वाले कवि सम्मेलन में आए कवियों को न केवल मारपीट कर घायल किया गया बल्कि उनसे नगद और मोबाइल भी लूट लिए गए। पीड़ितों ने जब इस मामले में पुलिस से शिकायत की तो मामला पहले तो सीमा विवाद में उलझाने की कोशिश की गई और फिर लूट की जगह केवल मारपीट की रिपोर्ट लिखवाने का दाबाव बनाया जा रहा है।

बीती रात दुर्गश दुबे, लखीमपुर खीरी से आए कनक तिवारी और बाराबंकी से आए विकास और डॉक्टर अनिल सिंह बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के बाद मणिकर्णिका घाट से घूमते हुए हरिश्चंद्र घाट की तरफ जा रहे थे कि ललिता घाट के पास लगभग 10 से 15 की संख्या में लड़को ने उन्हें घेर लिया। पहले तो उनके साथ मारपीट की गई और जब इसका विरोध हुआ तो इन बदमाशों ने दुर्गेश दुबे के गले मे पड़ी चेन और कनक तिवारी का मोबाइल छीन लिया। साथ ही इन दोनों के पास मौजूद लगभग ₹20000 नगद भी लूट लिए गए।

मारपीट के चलते दुर्गेश और कनक तिवारी के सर में गंभीर चोट आई है। पहले पीड़ित चौक थाने पहुंचे तो वहां घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें दशाश्वमेध थाने के लिए रवाना कर दिया गया। इस मामले में पीड़ित कवियों के साथ मौके पर जाकर एक दरोगा ने पूछताछ भी की और इस मामले में तीन नाम सामने भी आये, लेकिन पुलिस पूरा मामले में से लूट की घटना को हटाकर केवल मारपीट का मुकदमा दर्ज करने का दबाव पीड़ितों पर बना रही है।