नारस। आराजी लाइन विकास खंड कार्यालय सभागार में बुधवार को शिक्षकों का यू-डायस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बीईओ स्कंद गुप्ता, सर्व शिक्षा अभियान जिला समन्वयक राजेश पांडे ने विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को विद्यालय संबंधी सभी प्रकार के आंकड़े भरने संबंधी प्रशिक्षण दिया।

जिसमें विद्यालय के बच्चों के आंकड़े, आधारभूत सरंचना, शिक्षक संबंधी विस्तृत आंकड़े, बच्चों की उपलब्धि स्तर, बिजली, ब्रेंच-डेस्क एवं शौचालय इत्यादि के सभी आंकड़ों को सही-सही भरकर जमा करने के लिए निर्देश दिया गया।

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इस मौके पर शिक्षकों को यू-डायस से संबंधित अन्य कई जानकारियां दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्राइवेट, परिषदीय, ऐडेड, सीबीएसई विद्यालयों के शिक्षक प्रधानाचार्य संकुल प्रभारी समेत काफी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।

फॉर्म ना भरने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

जिले में ‘यू-डाइस’ डाटा आवेदन फॉर्म को हल्के में ले रहे प्राइवेट परिषदीय सीबीएसई आदि संस्था प्रधानों और स्कूलों के लिए चेतावनी भरी खबर है। जिन स्कूलों के फार्म नहीं भरे गए हैं उनके प्रति विभाग सख्त होने जा रहा है। अधिकरियों के मुताबिक ऐसे स्कूलों को कानूनी कार्रवाई समेत आर्थिक दंड तक का सामना करना पड़ सकता है।

मान्यता पर खतरा है। विभागीय सुविधाएं अटकेंगी सो अलग। आंकड़ों के मुताबिक आखिरी तारीख निकलने के बाद भी स्कूलों से ये आवेदन नहीं भरे जायेंगे।

पुनर्भरण राशि भी रोक ली जाएगी

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना (न्यूपा) की ओर से जिला सूचना प्रणाली और सैकंडरी एज्युकेशन मैंनेजमेंट सिस्टम को एकीकृत करके ‘यू डाइस डाटा फार्म तैयार किया गया है। इसके तहत जिले के सभी निजी और राजकीय विद्यालयों को 30 सितम्बर 2018 के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल तक डाटा फॉर्म भरकर नोडल केन्द्रों या सर्वशिक्षा अभियान के कार्यालय में जमा कराना है। लेकिन, अब तक भी जिले के कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को शिक्षकों को समयानुसार प्रशिक्षण नहीं दिया गया जिससे इन विद्यालयों को असुविधा हो रही है समय से फार्म जमा करने के लिए।

आरटीई सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने बताया कि’यू-डाइस ‘ नहीं भरने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता रद्द करने का प्रावधान है। आरटीई प्रवेश पर मिलने वाली 25 प्रतिशत सीटों का पुनर्भरण राशि भी रोक ली जाएगी।

नहीं मिलेगी सहायता

‘यू डाइस’ के तहत जानकारी नहीं देने वाले विद्यालय को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्वशिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली किसी भी तरह की सहायता नहीं दी जाएगी। इस डाटा को भरने के बाद सभी विद्यालयों को ‘यू डाइस’ कोड दिया जाएगा। कोड के आधार पर ही सहायता राशि दी जाएगी।

इसी के आधार पर ही बोर्ड परीक्षाओं में आवेदन किया जा सकेगा। डाइस कोड आवेदन-पत्र में लिखना होगा। अधिकारियों का कहना है कि तय तिथि तक जिन विद्यालयों ने डाटा फॉर्म नहीं भरेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

यह होगा फायदा

डाटा को एक जगह एकत्र करने और विद्यालयों में शिक्षा की सही स्थिति का पता लगाने के लिए सभी विद्यालयों को डाटा फॉर्म भरना अनिवार्य है। इससे विद्यालयों में मौजूद एकेडमिक-नॉन एकेडमिक स्टाफ, स्कूल भवन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पुस्तकालय, परीक्षा परिणाम, छात्र संख्या आदि की जानकारी मानव संसाधन मंत्रालय को एक क्लिक पर ही मिल जाएगी। इसी आधार पर स्कूलों को बजट-संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। अभी सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय में ऑपरेटर के माध्यम से ऑनलाइन डाटा फीडिंग किया जा रहा है।

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