नारस। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दुबारा नामांकन करने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर बनारस पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री ने गुरुवार दोपहर बाद जहां वाराणसी की सडकों पर लाखों की भीड के बीच धमाकेदार रोड शो करते हुए अपनी ताकत का अहसास दिलाया, वहीं शाम को प्रधानमंत्री दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए। इसके बाद रात में प्रधानमंत्री ने कैंटोन्मेंट के होटल डि पेरिस में काशी की जनता को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने वाराणसी की जनता से आशीर्वाद मांगा, साथ ही इस भरोसे के साथ अगले कार्यकाल के लिये नामांकन करने की अनुमति भी मांगी कि पिछले कार्यकाल पुरुषार्थ के नाम रहे जबकि अगले कार्यकाल परिणामों के नाम होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मुख्य रूप से आतंकवाद और काशी में विकास को लेकर ही अपने भाषण को केंद्रित रखा। इसमें 2005 से लेकर 2014 तक वाराणसी के संकटमोचन और शीतला घाट सहित देश के विभिन्न शहरों में हुए एक के बाद एक कई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में आतंकवाद पर करारी चोट की गयी है, यही कारण है कि आज आतंकवाद कश्मीर के एक छोटे से हिस्से में सिमट के रह गया है।

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प्रधानमंत्री के भाषण का एक बडा हिस्सा वाराणसी में विकास को लेकर रहा। उन्होंने बाबतपुर हाईवे, गोइठहां, दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सहित गंगा की स्थिति में सुधार और देश के पहले नदी बंदरगाह के अलावा बनारस में बिजली के तारों के जंजाल से मुक्ति आदि कई कार्यों को गिनाया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरीडोर, गंगा के घाटों की सफाई, चौराहों के सुंदरीकरण सहित अन्य विकास के कार्यों को भी जनता के सामने रखा।

वाराणसी की जनता से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देखें पूरा वीडियो

प्रधानमंत्री के वाराणसी में दिये गये भाषण के महत्वपूर्ण अंश

  • मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूं।
  • काशी का मैं सदा के लिये ऋणी हो गया हूं।
  • काशी ने जैसा स्‍नेह दुलार दिया, मैं अभिभूत हूं।
  • मेरा सौभाग्‍य है कि मैं काशी का हिस्‍सा बन पाया।
  • काशी के बारे में आदि शंकराचार्य ने कहा है, ”काशी ही समस्‍त ज्ञान की प्रकाशिका एवं ज्ञान प्रदान करने वाली है।”
  • मुझे एक सांसद के रूप में काशी के ज्ञान से जुडने का अवसर मिला।
  • मेरे भीतर के विद्यार्थी को चैतन्‍यवान बनाने में काशी की बडी भूमिका है। इसके लिये बाबा विश्‍वनाथ और मां गंगा के प्रति नमन करता हूं।

  • पांच साल पहले काशी की धरती पर कदम रखा तो कहा था कि गंगा मां ने बुलाया।
  • गंगा मइया और काशी के बहन भइया ने बहुत प्‍यार दिया।
  • काशी ने इतना प्‍यार दिया कि बनारस के फक्‍कडपन में ये फकीर भी रम गया।
  • कई बार लोग पूछते हैं कि मोदी ने बनारस में क्‍या बदला, लेकिन मैं उससे पहले बताना चाहता हूं कि काशी ने मुझमें क्‍या बदलाव किया है।
  • ये मेरा सौभाग्‍य है कि काशी के वेद परंपरा और ज्ञान के विश्‍लेषण और तार्किक प्रभाव से जुड सका।
  • अपने जीवन को तार्किक बनाने की शक्‍ति मिली।
  • महात्‍मा बुध, तुलसीदास, कबीरदास, रविदास, रामनुज से प्रेरणा ली।
  • सत्‍य न्‍याय अहिसा ज्ञान की प्रेरणा ने मुझे भी मूल्‍यों के साथ खडे होने का संबल दिया।

  • काशी के महापुरुषों द्वारा यही भाव निरंतर प्रवाहित हुआ कि देश हित के अलावा किस और का हित नहीं सोचूंगा।
  • चाहे हो पुलवामा का संकट हो, उरी की घटना हो या फिर मेरे जीवन का कोई और पल, मेरा एक ही मंत्र है, राष्‍ट्र प्रथम है, इंडिया इस फर्स्‍ट।
  • याद करिये यहां संकट मोचन मंदिर, अक्षरधाम, अयोध्‍या। 2005 से 2014 तक लगातार आतंकी हमले हुए।
  • यहां आरती कर रहे निर्दोष भक्‍तों की कायरतापूर्ण हमले को याद करके मन सिहर जाता था।
  • हर हमले के बाद वार्ता करने के अलावा पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया।
  • काशी ने मुझे सिर्फ एमपी बनने की नहीं पीएम बनने का आशीर्वाद दिया।
  • 130 करोड भारतीयों की ताकत मिली।
  • आतंकियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की ताकत मिली।
  • नया भारत न सहता है, न कहता है। आतंक को मुंह तोड जवाब देता है।
  • आतंक के सरपरस्‍तों को अलग थलग कर दिया गया है।
  • अंतरराष्‍ट्रीय मंच ने अब पाकिस्‍तान के रोने पर ध्‍यान देना छोड दिया है।
  • उसकी फंडिग पर रोक लगाने में दुनिया ने भारत का साथ दिया है।
  • देश के भीतर भी चौतरफा सख्‍ती बनायी है।
  • मानवतावाद का फर्जी चोला पहने ऐसे संगठतनों पर लगाम कसी है, जो आतंकी फसल के लिये खाद पानी का इंतजाम करते थे।
  • ऐसे ही प्रयासेां का नतीजा है कि भारत में किसी शहर, या मंदिर पर 5 साल में कोई आतंकी हमला नहीं हो सका।
  • कुभ का मेला सुख शांति के साथ देश ने अनुभव किया।
  • आतंकवाद अब जम्‍मू कश्‍मीर के बहुत थोडे से दायरे में सिमट कर रह गया है।
  • पुलवामा में 40 जवानों को शहीद किया था। इस हमले के बाद उसी क्षेत्र में अबतक 42 आतंकियों को ठिकाने लगाया जा चुका है। ये हमारा काम करने का तरीका है।
  • आतंक की चुनौती को एक पल के लिये कम आंकना देश के लिये अन्‍याय है। आपके पास गाडी है, बंगला है, सबकुछ है, मगर अगर शाम को घर लौटकर नहीं आये, तो किस काम का है।
  • समर्थ, संपन्‍न, सुखी भारत के लिये विकास के साथ साथ सुरक्षा अहम है।
  • इस वक्‍त हमारा भारत वर्ष तपस्‍या के दौर में है। इसकी साधना में हम सेवक और साधक हैं।
  • मोदी काशी में बदलाव करने वाला होता कौन है, जहां स्‍वयं बाबा विश्‍वनाथ विराजे हैं वहां उनकी मर्जी के बिना कुछ हो सकता है क्‍या।
  • ये एक बेटे का संकल्‍प है। जिससे ये पुरातन नगरी नवीनता को अंगीकार कर रही है।
  • यहां साइंस भी होगा स्‍पिरिचुआलिटी भी होगी। खान पान होगा तो खेल कूद होगा। दिव्‍यता और भव्‍यता का संगम होगी काशी।
  • मॉर्डनाइजेशन होगा बिना वेस्टर्नाइजेशन के।
  • हम सब मिलकर एक अविनाशी काशी को अलौकिक रूप देने में जुटे हुए हैं।
  • पहली बार काशी आया तक एयरपोर्ट के रास्‍ते को देखकर पीडा हुई। बिजली के तारों को देखकर मन दुखी हुआ। गंदगी के ढेर देखकर अनेक सवाल मेरे मन में कौंधते थे।
  • आपका साथ तभी मांगा था। गंगा तट पर कुछ संकल्‍प ले रहा था, तब मन में ये सवाल था कि काशी की उम्‍मीदों पर खरा उतर पाऊंगा क्‍या। लेकिन आज मैं कह सकता हूं कि हम सभी के सामूहिक प्रयास से बाबा के आशीर्वाद से बदलाव को पूरा देश अनुभव कर रहा है।
  • सपना जो मन में है वो पूरा हो गया, ये दावा नहीं करता।

  • हमारी रफ्तार और दिशा सही है, ये जरूर जानता हूं।
  • काशी में बदलाव के तीन पहलू हैं- पहला आध्‍यात्‍मिक, दूसरा व्‍यवहारिक, तीसरा मानवीय।
  • यहां के रेलवे स्‍टेशनों को सुधारा गया है। सडकों को सुधारा गया है। लटके तार गायब हो गये हैं। चौक चौराहे रौशनी से नहा रहे हैं। गंगा घाट पर अलग ही रौनक है। वाराणसी सम्‍पूर्णता का प्रतीक है, इसलिये यहां व्‍यवस्‍थाएं भी सम्‍पूर्ण होनी चाहिए।
  • किसान, बुनकर, मजदूर, व्‍यापारी तक हर किसी को सुविधा मिले। ये प्रयास हमने किया। इसको एक बिजनेस हब बनने के लिये हम आगे बढ रहे हैं।
  • अब काशी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं का बडा केंद्र बन रही है। देश के सबसे आधुनिक कैंसर अस्‍पताल में से एक हमारी काशी में है।
  • हमारे सामूहिक प्रयासों से काशी में बदलाव के लक्ष्‍य दिखने लगे हैं।
  • इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को लेकर विरोधी भी लोहा मान रहे हैं।
  • पूरे देश में अभूतपूर्व काम हो रहा है जिसकी झलक काशी में भी दिखती है।
  • गंगा जी पर जलमार्ग का बनना, क्रूज चलनाा, आधुनिक पोर्ट बनना।
  • हमारी आस्‍था के प्रतीक बाबा विश्‍वनाथ और मां गंगा को निर्मल और अविरल बनाने की दिशा में हम बहुत आगे बढ चुके हैं।
  • नालों को बंद कर दिया गया है। दीनापुर और गाइठहां के एसटीपी काम करने शुरू कर दिये हैं।
  • प्रवासी भारतीयों ने जिस भाव से गंगा जल से आचमन किया, वो ये बताने के लिये काफी है कि मां गंगा निर्मल हो रही हैं।
  • बाबा विश्‍वनाथ के दिव्‍य प्रांगण को भव्‍यता देने का काम चल रहा है।
  • बाबा विश्‍वनाथ धाम का काम प्रगति पर है।
  • मंदिर से मां गंगा का दर्शन और गंगा तट से बाबा का दर्शन ईश्‍वरीय इच्‍छा रही है।
  • हर काशी वासी कहता है देवी अहिल्‍याबाई होल्‍कर के बाद पहली बार इस परिसर के बारे में सोचा गया है।
  • मैंने पहले भी कहा है बाबा की इच्‍छा के बिना तो पत्‍ता भी नहीं हिलता। मैं तो निमित मात्र हूं।
  • बाबा ने इस कार्य के लिये चुना ये उनका आशीवार्द है।
  • हम हर वर्ग को मजबूत करने के संकल्‍प के साथ लगे हैं।
  • बीते पांच वर्ष पुरुषार्थ के थे आने वाले पांच वर्ष परिणाम के होंगे।
  • बीते पांच वर्ष वर्ष ईमानदारी के प्रयास के थे आने वाले पांच वर्ष उन प्रयासों को विस्‍तार देने के होंगे।
  • बीते पांच वर्ष परिवर्तन की शुरुआत करने वाले थे आने वाले पांच वर्ष देश की प्रतिष्‍ठा के होंगे।
  • हम परिवर्तन के बाद हर वो काम कर रहे हैं जो देश को सशक्‍त करे।
  • ऐसे काम जो मेरे विरोधियों को छोटे लगते थे उन्‍हें पूरा करने का बीडा मैंने उठाय।
  • साफ सफाई, शौचालय, गरीबों का बैंक खाता, रसोई गैस आदि ये बडे काम नहीं लगते लेकिन सामान्‍य लोगों के जीवन जीने के तरीके को बदलते हैं।

  • आत्‍मविश्‍वास वो पूंजी होती है जिससे किसी भी चुनौती से पार पाया जा सकता है।
  • नये भारत का आत्‍मविश्‍वास, विकसित भारत का विश्‍वास बनेगा।
  • पहले पद्म पुरस्‍कार का पता नहीं चलता था कि कैसे लोगों को मिलता था।
  • हमने बदलाव किया। तरीका बदला, गांव गांव से नाम मंगवाए।
  • किन किन लोगों को पद्मपुरस्‍कार मिला है पूरी दुनिया ने राष्‍ट्रपति भवना में देखा है।
  • बिरहा गायक हीरा लाल यादव को पद्म पुरस्‍कार मिला।
  • महामना और अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्‍न मिला।
  • ऐसे ऐसे लोग पद्म पुरस्‍कार लेने आये थे जिनके चप्पल फटे हुए थे।
  • काशी के कोतवाल काल भैरव हैं और उन्‍हीं की प्रेरणा से ये चौकीदार 21वीं सदी में भारत को नयी ऊंचाई पर ले जाने में जुटा है।
  • नीयत साफ होती है तो नियंता भी साथ होता है।
  • नीयत नेक होती है नीतियां सही बनती हैं।
  • नीयत नेक होती है नीति एक होती है। सबका साथ सबका विकास होता है।
  • मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं, ये चौकीदार अपनी निष्‍ठा और ईमानदारी से कभी नहीं डिगेगा।
  • मैं काशी की मर्यादा नहीं झुकने दूंगा। मैं देश नहीं झुकने दूंगा।
  • बाबा विश्‍वनाथ की इस नगरी में यहां का हर व्यक्ति मेरे लिये बाबा का गण है।
  • मेरे लिये पूज्‍यनीय है। आप सभी की पूजा और सेवा करने का हर अवसर मेरे लिये सौभाग्‍य की तरह है।
  • फिर एक बार आपका आशीर्वाद लेने आया हूं।
  • आपकी अनुमति हो तो कल नामांकन भरूंगा।
  • अब नामांकन भरने जाऊंगा फिर विजय के बाद आपको धन्‍यवाद देने आऊंगा।
  • शरीर का कण कण और समय का पल पल आपके चरणों में रखता हूं।
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वाराणसी का रहने वाला हूं। 2005 से पत्रकारिता के विभिन्‍न माध्‍यमों से जुड़ा हुआ हूं। टीवी, प्रिंट व वेब मीडिया में फील्‍ड और डेस्‍क का अनुभव है। जी न्‍यूज़, अमर उजाला, हिन्‍दुस्‍तान, ईनाडु इंडिया सहित विभिन्‍न संस्‍थानों से जुड़कर अपनी सेवाएं दे चुका हूं। 2013 में वाराणसी के सबसे पहले डेली न्‍यूज के डिजिटल वेब पोर्टल Live VNS की शुरुआत की है। वेब डिज़ाइनिंग, ग्राफिक्‍स डिज़ाइनिंग, डिजिटल मार्केटिंग, SEO, SEM, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया स्‍ट्रेटेजी/मार्केटिंग आदि सेक्‍टर में हाथ आजमाता रहता हूं। अभी पत्रकारिता के आधा गुण ही हैं मुझमें। सोशल मीडिया पर यहां मुझसे जुड़ें।