जाते-जाते, बातों-बातों में ही वाराणसी के DM को ‘बड़ा काम’ सौंप गये PM मोदी

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नारस। अपने संसदीय सीट से दुबारा नामांकन करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उनके नामांकन की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वाराणसी के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आईएएस सुरेन्द्र सिंह से कुछ देर अनौपचारिक बातचीत की। प्रधानमंत्री ने जाते जाते, बातों बातों में ही वाराणसी के इस युवा प्रशासनिक अफसर को नयी ‘जिम्मेदारी’ भी सौंपी है।

हालांकि ये जिम्मेदारी कोई आधिकारिक नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री के स्वभाव अनुसार उन्होंने नयी पीढी के एक होनहार अफसर के कंधे पर भविष्य के भारत के लिये एक जिम्मेदारी सौंप दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित रायफल क्लब के मीटिंग हॉल में अपने नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वहां हॉल में मौजूद निर्वाचन ड्यूटी में लगे जिला अधिकारी और अन्य कर्मचारियों से कुछ पल के लिये मुखातिब हुए। प्रधानमंत्री ने जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह से कहा कि उन्हें ऐसे अधिकारियों, जिन्होंने तीन से चार चुनावों में आर ओ (रिटर्निंग ऑफिसर) की भूमिका निभाई हो, के साथ एक वर्कशॉप आयोजित करके इस बारे में मंथन करना चाहिए कि चुनाव प्रक्रिया को कैसे मॉर्डनाइज्ड किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह को कहा कि ऐसी व्यवस्था के लिये काम करना चाहिए जिससे आने वाले समय में चुनाव की प्रक्रिया का डिजिटलाइजेशन हो सके। प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी को इशारों ही इशारों में इस बात के लिये भी प्रेरित किया कि उन्हें इस पर पहल करनी चाहिए और मंथन करने के बाद चुनाव आयोग को भी लिखना चाहिए कि कैसे चुनावी प्रक्रिया के लिये एक मार्डन और डजिटलाइज्ड व्यवस्था तैयार की जा सकती है।

बता दें कि 2005 बैच के आईएएस अफसर सुरेन्द्र सिंह काफी हार्ड वर्किंग अफसर माने जाते हैं। 2009 में आईएएस सुरेन्द्र सिंह भदोही जिले के जिलाधिकारी नियुक्त थे। उस वक्त जिले में मनरेगा को लेकर किये गये कार्यों ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिसके लिये केंद्र सरकार की ओर से आईएएस सुरेन्द्र सिंह को सम्मानित किया गया था। यही नहीं सुरेन्द्र सिंह अपने हार्ड वर्क को लेकर एक साल में भदोही जिले में इतने ज्यादा चर्चित हो गये थे, कि जब इनका ट्रांसफर हुआ तो जनता ने इन्हें रथ पर बिठाकर ज्ञानपुर से गोपीगंज 10 किलोमीटर तक विदायी जुलूस निकाला था।

इसके अलावा फिरोजाबाद का जिलाधिकारी रहते वक्त चुनाव ड्यूटी को बखूबी निभाने के फलस्वरूप आईएएस सुरेन्द्र सिंह को चुनाव आयोग ने भी सम्मानित किया था।

अब एक बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आईएएस अफसर को इशारों ही इशारों और बातों ही बातों में भविष्य की चुनावी प्रक्रिया को लेकर नयी जिम्मेदारियां दे दी हैं। देखना होगा कि आने वाले सालों में युवा आईएएस अफसर सुरेन्द्र सिंह भारत के चुनावी प्रणाली को डिजिटलाइज्ड करने की प्रक्रिया में किस प्रकार दिशा और रफ्तार दे सकते हैं।

देखें प्रधानमंत्री ने कैसे इशारों-इशारों में दे दी वाराणसी के जिलाधिकारी को एक जिम्मेदारी