लोकतंत्र, भ्रष्टाचार, भ्रष्ट नेताओं का जनाज़ा लेकर नामांकन करने पहुंचे ‘अर्थी बाबा’

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साथ में संवाददाता ध्यानचंद शर्मा

नारस। पूरे देश में लोकतंत्र मर चुका है। व्यवस्था भ्रष्ट है, नेता भ्रष्ट है। ये उन्ही भ्रष्ट चीज़ों का जनाज़ा है जिस पर मै सवार हूं। ये कहना है वाराणसी संसदीय सीट से नामांकन करने पहुंचे गोरखपुर के रहने वाले राजन यादव उर्फ़ अर्थी बाबा का। राजन एमबीए कर चुके हैं और व्यवस्थाओं से परेशान होकर अर्थी बाबा बने हैं। राजन ने बताया कि वाराणसी से चुनाव लड़कर वो गरीबों के दुश्मन को हराना चाहते हैं।

अर्थी पर बैठकर और राम नाम सत्य का नारा लगाते हुए जब चार लोग एक ज़िंदा व्यक्ति को लेकर सोमवार को जिला निर्वाचन कार्यालय के नामंकन स्थल की और बढे तो सहसा सभी की निगाह उस और चली गयी। अर्थी पर बैठे राजन यादव उर्फ़ अर्थी बाबा से जब इस सम्बन्ध में बात की गयी तो उन्होंने बताया कि वो गोरखपुर के रहने वाले हैं और वाराणसी में प्रधानमंत्री के विरुद्ध चुनाव लड़ने आये हैं।

उन्होंने कहा कि मै आज़मगढ़ से चुनाव लड़ना चाहता था पर जब मैंने देखा कि ग़रीबों का दुश्मन बनारस से चनाव लड़ रहा है तो मैंने उसे हराना ज़रूरी समझा और यहां चुनाव लड़ने आ गया। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं मोदी जी ने काम किया पर मैने पूरा शहर घूम कर देखा कोई काम नहीं हुआ है । इससे ज़्यादा तो एक एमपी अपने क्षेत्र में काम करवता है जितना उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए नहीं करवाया है।

जब उनसे पूछा गया कि आप अर्थी पर क्यों बैठकर आये हैं और ये कैसी अर्थी है तो उन्होंने कहा कि ये भारत के मर चुके लोकतंत्र, भ्रष्ट नेता, भ्रष्ट व्यवस्था का जनाज़ा है। इससे मुझे बल मिलता है भ्रष्टाचार से लड़ने में।

अर्थी पर पहुंचे अर्थी बाबा को पुलिसकर्मियों ने निर्वचन कार्यालय के गेट पर ही रोक लिया और बिना अर्थी के जाने को कहा जिसपर कुछ देर बहस भी हुई लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी एक ना सुनी और उन्हें अर्थी को छोड़कर जाना पड़ा।