‘तेज बहादुर ने एफबी लाइव कर फैलाई सनसनी, कहा बीजेपी करवा देगी मेरी और परिवार की हत्या

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नारस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव जब से वाराणसी आए हैं, यहां का सियासी पारा अलग ही लेवल पर जा पहुंचा है। अब तेज बहादुर ने फेसबुक पर लाइव सेशन करते हुए बीजेपी और पीएम मोदी पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। तेज बहादुर ने कहा कि बीजेपी बहुत जल्द उनकी और उनके परिवार की हत्या करा देगी। उनका कहना है कि नामंकन रद्द होने के बाद भी उनके मैदान से न हटने के कारण ऐसा हो रहा है। उनका आरोप है कि वाराणसी में उनके डटे रहने के कारण ही उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद एडिटेड वीडियो वायरल होने का आरोप
तेज बहादुर का आरोप है कि उनका नामांकन गैर कानूनी तरीके से रद्द कराया गया है। इसके बाद जब वे इसे चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो उनके पुराने वीडियो एडीट करके वायरल किए जा रहे हैं। तेज बहादुर ने अपने बेटे की भी हत्या सरकार के कारण होने की बात कही। हालांकि बेटे की मौत के बाद उन्होंने उसे एक हादसा बताया था, लेकिन वाराणसी से नामांकन करने के बाद से वे लगातार उसे हत्या बता रहे हैं।

बीजेपी पर बौखला कर वीडियो कर रही वायरल
तेज बहादुर ने इस लाइव वीडियो में चुनौती दी है कि वे आजाद हिंद फौज के सिपाही के पौत्र हैं और वे हार नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन रद्द होने के बाद से उन्होंने बनारस में ही रहकर पीएम मोदी के खिलाफ प्रचार करने का फैसला लिया और उन्हें शहर में अपार जन समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि इसी वजह से बीजेपी और पीएम बौखला गए हैं और उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने बीजेपी पर अपनी, अपनी पत्नी और अपने माता-पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे अब सिर्फ वाराणसी या पूर्वांचल ही नहीं पीएम मोदी के खिलाफ देश भर में प्रचार करेंगे और लोगों तक उनकी हकीकत पहुंचाएंगे। तेज बहादुर ने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि वे उनके पक्ष को नहीं दिखा रही और सरकार के दबाव में काम कर रही है।

FIR की मांग, संस्था से हुए निष्कासित
तेज बहादुर का पीएम की सुपारी वाला वीडियो वायरल होने के बाद से तेज बहादुर काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। वाराणसी के वकीलों ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की है। इस मामले में मंगलवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी से मिल चुका है। इस प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को एक पत्र देकर तेजबहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का समर्थन करने वाली श्रीराम सेना ने भी तेज बहादुर को अपनी संस्था के राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया है। मंगलवार को वाराणसी पहुंचे संस्था के प्रमुख विष्णु विनोदम ने तेज बहादुर को साइको बताते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच करने की मांग की है।

सीजेएम कोर्ट में सरेंडर की दी अर्जी
इस बीच तेज बहादुर ने वाराणसी के सीजेएम कोर्ट में सरेंडर होने की अर्जी भी दाखिल कर दी है। मामला उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का है। सीजेएम कोर्ट मे अर्जी देते हुयेई उन्होंने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा हुआ है। अगर उनके खिलाफ कोई केस दर्ज है तो कैंट थाना से रिपोर्ट तलब किया जाना जरूरी है ताकि वे कोर्ट में सरेंडर कर सकें। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए 9 मई तक कैंट थाने से रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

वीडियो में होना कबूल किया लेकिन आवाज एडिट करने का आरोप
दो दिन के अंतर में तेज बहादुर के तीन वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें से दो में वे ऐसी बातें करते दूने दिए, जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। एक वीडियो में तेज बहादुर 50 करोड़ की सुपारी लेकर पीएम मोदी की हत्या की बात कह रहे हैं तो दूसरे में वे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के साथ बैठकर शराब पीने की बात कबूल रहे हैं। हालांकि अभी इन वीडियो में तेज बहादुर की आवाज होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। तेज बहादुर बने यह जरूर स्वीकार किया है कि वीडियो में वे ही नजर आ रहे हैं। लेकिन उनका यह भी आरोप है कि बीजेपी आईटी सेल वालों ने इस वीडियो को एडिट कर वायरल किया है।