नारस/नई दिल्‍ली। वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन खारिज होने के बाद पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गये बर्खास्‍त बीएसएफ जवान तेज बहादुर की याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्‍टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के बेंच ने वाराणसी के निर्वाचन अधिकारी के फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है।

तेज बहादुर की ओर से जाने-माने वकील प्रशांत भूषण जिरह करने पहुंचे थे।

विज्ञापन

बता दें कि वाराणसी से महागठबंधन के उम्मीदवार तेज बहादुर यादव का नामांकन जरूरी प्रमाणपत्र न जमा कराने के चलते खारिज हो गया था। इसमें उन्‍हें उनको नौकरी से लिकाले जाने को लेकर चुनाव आयोग से प्रमाणपत्र जारी कराना था कि क्‍या उन्‍हें भ्रष्‍टाचार या डिस्‍लॉयल्‍टी के मामले में नौकरी से बर्खास्‍त किया गया है। ”अगर हां या अगर नहीं”, दोनों की कंडीशन में तेज बहादुर को चुनाव आयोग से प्रमाणपत्र हासिल करके चुनाव अधिकारी के पास जमा कराना था, जिसमें तेज बहादुर तय समय में प्रमाण पत्र उपलब्‍ध नहीं करा सके थे।

इसके बाद तेज बहादुर ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग देते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की साजिश करार दिया था और यहां तक कहा था कि मोदी उनकी दावेदारी से डर गये, इसी वजह से उनका नामांकन पर्चा खारिज कराया गया है।

इसके बाद ही तेज बहादुर पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गये थे, जहां गुरुवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्‍टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने चुनाव अधिकारी के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है।

तेज बहादुर के वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट से मांग की थी कि उनके मुवक्‍किल का नामांकन गलत ढंग से रद किया गया है और वो चाहते हैं कि बिना चुनावी प्रक्रिया को बाधा पहुंचाए तेज बहादुर का दुबारा से नामांकन किया जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्‍शन कमीशन ऑफ इंडिया से पूरे मामले में जवाब मांगा था। जवाब मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे चुनावी कोड ऑफ कंडक्‍ट मानते हुए निर्वाचन अधिकारी के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है।

विज्ञापन
Loading...
www.livevns.in का उद्देश्‍य अपनी खबरों के माध्‍यम से वाराणसी की जनता को सूचना देना, शि‍क्षि‍त करना, मनोरंजन करना और देश व समाज हित के प्रति जागरूक करना है। हम (www.livevns.in) ना तो कि‍सी राजनीति‍क शरण में कार्य करते हैं और ना ही हमारे कंटेंट के लिए कि‍सी व्‍यापारि‍क/राजनीतिक संगठन से कि‍सी भी प्रकार का फंड हमें मि‍लता है। वाराणसी जिले के कुछ युवा पत्रकारों द्वारा शुरू कि‍ये गये इस प्रोजेक्‍ट को भवि‍ष्‍य में और भी परि‍ष्‍कृत रूप देना हमारे लक्ष्‍यों में से एक है।