नारस। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछड़ी जाति (ओबीसी) का होने पर छिड़ी बहस में अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्‍यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की भी एंट्री हो चुकी है। राजभर ने मायावती के बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जन्‍म से पिछड़ी जाति के नहीं हैं।

प्रधानमंत्री नहीं थे पिछड़ी जाति के
ओम प्रकाश राजभर ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की जाति को जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस समय ओबीसी की लिस्ट में जोड़ा गया था। उसके पहले तक वो सामान्य वर्ग ही था। इसलिए मायावती जी अगर कहती हैं कि प्रधानमंत्री पिछड़ी जाति के नहीं हैं तो कुछ भी गलत नहीं कहतीं।

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मुद्दों से भटक गया है चुनाव
वाराणसी में पांच नुक्कड़ सभाओं को सम्बोधित करने पहुंचे सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इस चुनाव में लोग असली मुद्दों से भटक गए हैं। कोई शिक्षा, विकास और नौजवानों के रोज़गार पर बात नहीं कर रहा है। प्रदेश में जो एक लाख 59 हज़ार प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमे एक करोड़ 70 लाख बच्चे पढ़ते हैं उनकी शिक्षा की बेहतर व्यवस्था कैसे हो इस पर चर्चा नहीं हो रही है। एक दूसरे के ऊपर व्‍यक्‍तिगत हमले हो रहे हैं। लोग एक दूसरे की शिकायत में मशगूल हैं।

हर जाति से बनाएंगे 6-6 महीने के लिये मुख्‍यमंत्री
उन्होंने कहा कि इन सबके बीच राजभर का स्टैंड एकदम निराला है। हम 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर तैयार हैं, उत्तर प्रदेश में शराब बंदी के लिए तैयार हैं। ग़रीबों के एक करोड़ 70 लाख बच्चे प्राइमरी स्कूलों में पढ़ते हैं उनको बेहतर शिक्षा के लिए तैयार हैं। इसके अलावा आने वाले 2022 के चुनाव में हर जाति के बेटा को 6-6 महीना मुख्यमंत्री बनाने की तरफ कार्य कर रहे हैं।

दो जगह कांग्रेस, तीन जगह महागठबंधन को समर्थन
ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि हमारे पांच पर्चे खारिज हो गए। महराजगंज, बांसगांव, खलीलाबाद( सिद्धार्थनगर), भदोही और मिर्ज़ापुर। इसमें से मिर्ज़ापुर में हमने कांग्रेस के प्रत्याशी ललितेशपति त्रिपाठी को अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा तीन जगहों पर गठबंधन के प्रत्याशी को हमारी लोकल इकाई ने समर्थन किया है, अपने बुद्धि और विवेक से। बाकी दो जगह हमारे नेता अलग अलग हो गए हैं, कुछ कांग्रेस को कुछ गठबंधन को समर्थन कर रहे हैं।

बीजेपी को 23 को पता लग जाएगा
भाजपा नेताओं द्वारा बार बार दिए जा रहे बयान कि ”ओमप्रकाश राजभर के समर्थन से हमारा कोई नुकसान नहीं होने वाला वो जो चाहे वो करें”, इसपर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जिन लोगों ने हमसे संपर्क किया, हमने उनका समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि जहां तक ”फर्क नहीं पड़ रहा है” की बात है तो वो तो 23 तारीख को गिनती में पता लग जाएगा।

हमने बीजेपी से सिर्फ एक सीट मांगा था
उन्होंने कहा कि हमने भाजपा से सिर्फ एक सीट मांगी थी, लेकिन उसने अपने स्वार्थ के लिए हमें सीट नहीं दी, जबकि हमने एक सीट के बदले पूरे देश में वोट दिलाने की बात की थी। उन्होंने कहा कि हमारी ताकत पूर्वांचल की 30 सीटों पर एक लाख से सवा लाख वोट की कूवत रखती है। जब ओम प्रकाश राजभर से पूछ गया कि क्या आप वोट कटवा की भूमिका में हैं तो उन्होंने कहा कि हम अपनी पार्टी को बचाने और महाराजा सुहेलदेव के सम्मान में मैदान में हैं।

पूर्वांचल की 30 में से 3 सीटें ही जीतेगी बीजेपी
उन्होंने कहा कि 17 चुनाव के पहले हमरा किसी से कोई गठबंधन नहीं था और अगर आपको देखना है तो 2014 से पहले भारतीय जनता पार्टी की क्या दशा थी देख लीजिये। किसकी जीत हो रही है, ये पूछने पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि देश में तो मैं नहीं बता सकता लेकिन पूर्वांचल में हम भाजपा से हट गये हैं, ऐसे में उन्हें नुक्सान होगा। पूर्वांचल की 30 सीटों पर सिर्फ 3 सीटें ही भाजपा बचा पायेगी।

देखें वीडियो, वाराणसी में मीडिया से क्या बोले मंत्री ओम प्रकाश राजभर

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