नारस। दुर्गाकुंड निवासी बाबा शिवानंद ने अपने जीवन के 123 वे वर्ष मे पहली बार लोकसभा चुनाव में मतदान किया। शिवानंद बाबा अपने घर से पैदल ही मतदान स्थल पर पहुंचे और उन्होंने वोट किया। उन्होंने कहा कि देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मतदान ज़रूरी है। इतना ही नही दुर्गाकुंड इलाके के 105 वर्ष के बुजुर्ग शिवपूजन मिश्रा के जज्बे को भी लोगो ने सलाम किया जब उन्होंने व्हील चेयर से बूथ पर पहुचकर मतदान किया।

शरीर पर सिर्फ धोती और कुर्ता और तेजी से बढ़ते कदम अपने पोलिंग बूथ की ओर ये शख्स है वाराणसी के 123 वर्ष के स्वामी शिवानंद महाराज।बाबा शिवानंद का जन्म 8 अगस्त 1896 को श्रीहट्ट जिला के हबिगँज महकुमा, ग्राम हरिपुर के थाना क्षेत्र बाहुबल में एक भीखारी ब्राह्मण गोस्वामी परिवार में हुआ था। मौजूदा समय में ये जगह बंगलादेश में स्थित है। बाबा जी के मां-बाप भिखारी थें और दरवाजे-दरवाजे भीख मांगकर अपनी जीविका चलाते थें। 4 साल की उम्र में उनके माता-पिता ने उनकी बेहतरी के लिए उन्हे नवद्वीप निवासी बाबा श्री ओंकारनंद गोस्वामी के हाथ समर्पित कर दिया। जब शिवानंद 6 साल के थें तो उनके माता-पिता और बहन का भूख के चलते निधन हो गया।

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इसके बाद उन्होंने अपने गुरूजी के सानिध्य में आध्यात्म की शिक्षा लेना शुरू किया और उन्ही की प्ररेणा से आज तक कुआरा जीवन जीने की बात बताई। उन्होंने बताया कि महज 6 साल की आयु में पवित्र जीवन जीने की ठानी वो भी बगैर संतों के चोंगे के और आजतक उसका पालन कर रहे हैं।

ये पहला मौका था जब शिवानंद लोकसभा चुनाव में मतदान करने पहुचे थे और इसके पहले वे 2017 में विधान सभा मे भी अपने पूरे जीवन में पहली बार विधान सभा का वोट डालने पहँचे थे। बाबा का कहना है कि वोट देना जरूरी है। बाबा लोगो को वोट करने की अपील भी की। वोट देने से देश की उन्नति होती है। कामना मुक्त और वासना मुक्त जीवन ही बाबा की लंबी आयु और सेहत का राज है। 8 अगस्त को बाबा का 124 वर्ष के पूरे हो जायंगे। बाबा शिवानंद के जीवन का मकसद डिजायरलेस लाइफ है।

देखें वीडियो, शिवानंद बाबा ने डाला वोट

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