कराची में जन्मी काशी की इन दो बेटियों ने किया पहली बार मतदान, कहा- हिन्दुस्तानी होने पर गर्व है

0
747

नारस। हिन्दुस्तानी पिता और पाकिस्तानी मां की संतान निदा और माहेरुख को कुछ दिन पहले जब भारतीय नागरिकता मिली तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। मतदान का हक़ पाकर दोनों बहने आज अपने परिवार के साथ आर्य महिला इंटर कालेज में वोट देने के लिए पहुंचीं। इस दौरान दोनों बहनें काफी खुश दिखाई दीं।

दरअसल, वाराणसी के पान दरीबा निवासी नसीम की शादी पकिस्तान के कराची शहर की शाहिदा से हुई। इस दौरान नसीम पकिस्तान आते जाते रहे। पाकिस्तान में ही नसीम और शाहिदा को दो बेटियां निदा और माहेरुख ने दुनिया में कदम रखा। कुछ साल बाद जब मां शाहिदा को भारत की नागरिकता मिल गयी तो साथ में दोनों बेटियां भी हिन्दुस्तान आ गयीं। बावजूद इन्हे भारतीय नागरिकता नहीं मिली।

नसीम ने बताया कि शहीदा को तो 2007 में नागरिकता मिल गयी पर बच्चियों को नहीं मिल पायी थी। इसके बाद नसीम और शाहिदा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसंपर्क कार्यालय से संपर्क किया और दो साल की कागजी कार्रवाई के बाद उनकी बेटियों को भारत की नागरिकता मिल गयी। इसके बाद दोनों बहनों ने आज अपने मताधिकार का प्रयोग भी किया।

माहेरुख ने वोट देने के बाद बताया कि आज मुझे दुनिया की सबसे बड़ी ख़ुशी मिली है। मुझे आज वोट देने का अधिकार मिला है, अपनी सरकार चुनने का अधिकार मिला है। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं हिन्दुस्तान की बेटी हूँ।