मिलिए उस शख़्स से जिसने पूर्वांचल में मोदी, शाह और योगी के भरोसे को रखा क़ायम

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नारस। जून 2018 में जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने गोरक्ष क्षेत्र की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी काशी के संगठन महामंत्री रत्नाकर जी को सौंपी तो लोकसभा चुनाव की तैयारी में केवल दस महीने का समय बचा था और उम्मीदों का बोझ ज्यादा लेकिन अब जब लोकसभा का परिणाम आ चूका है तो सियासी जगत में उनके राजनैतिक कौशल और चुनाव प्रबंधन की हर कोई तारीफ कर रहा है।

आखिर कौन हैं रत्नाकर जी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचारक के रूप में संघ के विभिन्न दायित्वों का निर्वाह करने के बाद इनको 2016 में काशी क्षेत्र के सगठन महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी। इससे पूर्व यह बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठन महामंत्री थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक विजय के बाद इनको जून 2018 में गोरक्ष क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

संगठन में रत्नाकर जी को इनके बूथ प्रबंधन, टेक्नोलॉजी का उत्कृष्ट प्रयोग और सेक्टर संरचना के लिए जाना जाता है।

मिला था कांटों भरा ताज
काशी क्षेत्र में अपने कार्यों से मोदी और योगी के चहेते रत्नाकर जी को जब गोरक्ष क्षेत्र की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी उस समय चुनौतियाँ भी कम नहीं थी। सपा और बसपा को महागठबंधन कर उपचुनाव में गोरखपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट पर जहाँ से कभी मुख्यमंत्री योगी सांसद हुआ करते थे और उनका यह गृह जनपद भी है, जीत का स्वाद मिल चूका था। इससे कार्यकर्ताओं में घोर निराशा भी थी। ऐसे समय में क्षेत्र के संगठन महामंत्री का ताज काटों भरा भी साबित हो सकता था।

10 महीनों में पलट दी बाजी
रत्नाकर जी ने अपने कौशल से मात्र 10 महीनों में ही न सिर्फ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया बल्कि एक नई टीम बनाकर लोक सभा की तैयारियां शुरू की। जिसमे बूथ स्तर तक कार्यर्ताओं की फौज खड़ी हुई और नए जोश के साथ महागठबंधन का मुकाबला किया। इसी का परिणाम रहा की काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 27 में से 22 सीटों पर भाजपा का परचम फिर लहराया है।

काशी गोरक्ष प्रांत में दिलायी 22 सीटें
आज जब केंद्र में भाजपा की सरकार पुनः बनने जा रही है और उत्तर प्रदेश की 64 सीटों पर भाजपा या उनके सहयोगी दल के प्रत्याशी जीते हैं, काशी और गोरक्ष क्षेत्र में 22 सीट जीताकर रत्नाकर जी ने मोदी, अमित शाह और योगी के भरोसे को कायम रखा है।