नारस। लंका थाने में दुष्कर्म के आरोपी घोसी से नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय की मुश्किलें घटने का नाम नहीं ले रही है। उन्हें सांसद में जाने से पहले जेल जाना होगा क्योंकि मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम आशुतोष तिवारी ने दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमे उन्होंने सरेंडर के लिए कोर्ट से कोई अन्य तारीख तय करने की बता कही थी। कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि आत्मसमर्पण के लिए आते वक्त जमानिया के पास वाहन दुर्घटना में पैर में गंभीर चोट लग गयी इसलिए कोई अन्य तारीख सुनिश्चित की जाए।

नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय की इस अपील पर कोर्ट ने कहा, ‘आरोपी की ओर से प्रकरण को लंबा खींचने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे न्याय की मूल भावना प्रभावित होती है। ऐसे में आत्मसमर्पण प्रार्थना खारिज करते हुए पूर्व में अदालत द्वारा जारी प्रक्रिया प्रभावी होगी।’ बता दें कि अदालत ने पहले ही आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत उन्हें फरार घोषित किया है।

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इसके पहले आरोपी अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव ने आवेदन देकर अदालत को सूचित किया कि समर्पण के लिए आते वक्त जमानिया के पास वाहन दुर्घटना में पैर में अतुल राय के पैर में गंभीर चोट आई है। यह भी कहा गया कि समर्पण के लिए दूसरी तिथि नियत की जाए। इस पर अदालत ने साढ़े 3 बजे तक घटना के बाबत चिकित्सकीय प्रमाण पत्र देने को कहा। उस समय तक नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने आत्मसमर्पण संबंधी आवेदन खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने लंका थाना क्षेत्र में पत्नी से मिलाने के नाम पर निर्वाचित सांसद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

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