नारस। गंगा अवतरण दिवस यानी गंगा दशहरा धर्म की नगरी काशी में धूम से मनाया जा रहा है। सूरज निकलने से पहले ही श्रद्धालू गंगा तट पर जमा हो गये थे। सूरज की पहली किरण के साथ ही गंगा में पुण्य की डुबकी लगनी प्रारंभ हो गयी। मान्यता है कि आज ही कि दिन भागीरथी के प्रयास से मां गंगा धरती लोक पर सभी पापों का विनाश करने के लिए अवतरित हुई थी।

पुराणों के अनुसार गंगा दशहरे पर गंगा में 10 डुबकियां लगाने से मन, तन और कर्म की सभी कलुषित प्रवृत्तियां व्यक्ति के भीतर से निकल जाती हैं। इसी मान्यता को आत्मसात करते हुए श्रद्धालूओं का हुजूम गंगा तट पर दिखाई दिया। श्रद्धालू मां गंगा में डुबकी लगा, उनका आचमन कर मोक्ष की प्राप्ति की कामना कर रहे थे।

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वहीं गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति द्वारा मां गंगा का 51 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। वहीं राजेन्द्र प्रसाद घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा मां गंगा की विधिवत पूजा कर उनका दुग्धाभिषेक किया गया।

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