‘जल को तरसोगे घड़ा लेकर ढूंढोगे’ के स्लोगन के साथ भू-जल संचय का दिया सन्देश

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नारस। भू-जल का स्तर तेजी से नीचे की ओर खिसकता जा रहा है, प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पानी की बर्बादी की जा रही है। आने वाले दिनों में पानी की कमी को देखते हुए जल की विषम परिस्थितियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हाथों में खाली घड़ा लेकर “जल को तरसोगे घड़ा लेकर ढूंढोगे” के नारों के साथ सामाजिक संस्था सुबह ए बनारस क्लब के बैनर तले एक जन जागरूकता अभियान पूर्वांचल की सबसे बड़ी खाद्य मंडी विशेश्वरगंज से मछोदरी तक चलाया गया।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ जगह-जगह पेड़ पौधों को काटकर तालाब को पाटकर कल कारखाना वह मकान बनने के कारण बारिश का धीरे- धीरे जरूरत से ज्यादा कम होना,भूजल स्तर के लिए श्राप बनता जा रहा है। आज जिस तेजी से भूजल का स्तर गिरता जा रहा है, यह आने वाले दिनों मे देश के लिए एक भयंकर अभिशाप बन जाएगा।  ऐसे में अगर समय रहते जल की बर्बादी नहीं रोकी गई तो आने वाले समय में बूंद-बूंद जल के लिए सभी को तो तरसना पड़ेगा।

होने आगे कहा कि पानी जहां हम सभी के जीवन के लिए सबसे जरूरी है वही हम कहीं ना कहीं यह जानते हुए भी पानी की दोषी बनते हैं। हमें जल संरक्षण करना ही होगा तभी हम बने रहेंगे।हमारी पीढ़ियां बचेगी, बनारस में हर रोज करीब 75 एमएलडी पेयजल बर्बाद हो रहा है। इस बर्बादी को हम चाहे तो रोक सकते हैं, अगर हम अब भी नहीं चेते दो बूंद पानी के लिए तरस जायेंगे।

मुकेश जायसवाल,नंदकुमार टोपी वाले, चंद्र शेखर चौधरी, अनिल केसरी, डॉ राजेश यादव,,रितेश गुप्ता, पंकज पाठक, विष्णु शर्मा,नत्थू लाल सोनकर,अभिषेक विश्वकर्मा, मनोज पाठक,सुनील अहमद खान, संजीव विश्वकर्मा,,राजेश श्रीवास्तव, जावेद अंसारी,अब्दुल कलाम हाशमी, सहित कई लोग शामिल थे।