छेड़खानी का विरोध करना महिला प्रशिक्षुओं को पड़ा भारी, SSP ने चार का प्रशिक्षण रोका

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नारस। 5 जून को छेड़खानी के विरोध में पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रही 347 प्रशिक्षु महिला आरक्षियों ने पुलिस लाइन गेट पर चक्का जाम कर अपनी सुरक्षा और कई सुविधाओं की मांग की मांग की थी। इसपर एसएसपी ने आश्वासन दिया था साथ ही अनुशासत्मक कार्रवाई की बात भी कही थी। इसी क्रम में जांच के बाद एसएसपी ने प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में 17 प्रशिक्षु महिला आरक्षियों पर कार्रवाई की है। इसमें चार प्रशिक्षुओं पर साथियों को भड़काने और अनुशासन हीनता के आरोप में प्रशिक्षण से रोकते हुए उनके ज्वाइनिंग सेंटर भेजकर एसएसपी प्रयागराज से कार्रवाई की संस्तुति की गयी है।

एसएसपी आननद कुलकर्णी ने बताया कि 5 जून को जो हुआ उसके सम्बन्ध में सीओ कैंट, चेतगंज और दशाश्वमेद्य की एक संयुक्त कमेंटी बनाकर जांच करवाई गयी थी। इसमें पीने का पानी, पंखा, बिजली, सुरक्षा और निगरानी सम्बन्धी जो भी समस्याएं महिला आरक्षियों द्वारा बताई गयी थी उसे दूर कर दिया गया है। इसके अलावा छेड़खानी का जो आरोप लगाया गया था यह जांच में सही नहीं पाया गया। इस समबन्ध में कार्रवाई करते हुए चार प्रशिक्षुओं को की ट्रेनिंग रोकते हुए उनके विभागाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

इसके अलावा 13 प्रशिक्षुओं को अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटरों में स्थानांतरित कर रूटीन और व्यहवहार पर नज़र रखने को कहा गया है। वहीं 35 प्रशिक्षुओं के ऊपर उनके रहन सहन आदि पर नज़र रखी जा रही है। यदि इनसे दुबारा गलती होती है तो सख्त कार्रवाई होगी।