मामी के कहने पर भांजे ने मामा को उतारा था मौत के घाट, मामी-भांजा गिरफ्तार

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नारस। बीते 10 जून को लोहता थानाक्षेत्र के ग्राम सरहरी (विद्यापतिपुर) पुलिया के पास हुई थानाक्षेत्र के बच्छाव निवासी रतन कुमार की हत्या का खुलासा लोहता पुलिस ने मंगलवार को सफलतापूर्वक किया। यह हत्या मृतक की पत्नी ने मृतक के भांजे के साथ मिलकर की थी। दोनों का आपस में अवैध संबंध था। इस ह्त्या में शामिल दो अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि 10 जून को लोहता थानाक्षेत्र के ग्राम सरहरी (विद्यापतिपुर) पुलिया पर एक लाश मिली थी जिसकी पहचान बचाव के रतन कुमार के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या की पुष्टि हुई थी। इस प्रकरण की विवेचना में दो अभियुक्तगण का नाम प्रकाश मे आया 1.जयनेन्द्र पुत्र राजकुमार उर्फ प्रकाश निवासी पपरौला थाना धानापुर चन्दौली उम्र करीब 19 वर्ष व शान्ती देवी पत्नी रमेश उर्फ कल्पू निवासी ग्राम बच्छाव थाना रोहनिया वाराणसी उम्र करीब 26 वर्ष। इन दोनों की गिरफ्तारी हेतु साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। इसी बीच राहुल पुत्र चुन्नू निवासी भरथरा थाना लोहता जनपद वाराणसी उम्र करीब 19 वर्ष एवं सोनू पुत्र मटरु निवासी भरथरा थाना लोहता जनपद वाराणसी उम्र करीब 21 वर्ष कभी नाम प्रकाश में आया।

उन्होंने बताया कि पुलिस अभी जांच कर ही रही थी कि मुखबिर खास से सूचना मिली कि रतन की हत्या में शामिल लोग पिसौर तिराहे पर मौजूद है तथा कहीं भागने की फिराक में है यदि जल्दी किया जाय तो पकड़े जा सकते है। प्राप्त सूचना पर विश्वास कर थानाध्यक्ष मय हमराह पुलिस बल के पिसौर तिराहे के पास पहुँचकर घेराबन्दी करके पिसौर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी निशानदेही पर महिला शांति देवी को उसके घर बच्छांव से गिरफ्तार कर लिया।

क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि मुख्य अभियुक्त राहुल ने बताया कि उसका सम्बन्ध उसके मामी से हैं मामी के साथ राहुल के द्वारा गलत हरकत करते समय राहुल का छोटा मामा रतन ने देख लिया था, जिस कारण दोनो मे विवाद हुआ था परन्तु राहुल ने गलती मान लिया। उसके बाद राहुल का अपना मामा के यहा जाना कम हो गया लेकिन फोन से राहुल अपने मामी शांति से बात करता था। धीरे धीरे फिर अपने मामा के यहां जाने लगा जिस पर रतन रिश्तेदारी होने के वजह से विरोध तो कर नही पाया परन्तु शांति एंव राहुल पर नजर रखने लगा। इस वजह से दोनो ने मिलकर रतन को रास्ते से हटाने के लिये योजना बनाया।

इसपर राहुल ने अपने दोस्त सोनू एंव जयनेद्र से सम्पर्क किया और 9 जून को राहुल के गांव मे हीरालाल के लड़के राजकुमार की शादी मे रतन को बुलाया और सोनू जिस मैजिक को चलाता था हीरालाल के लड़के की शादी मे भाड़े पर तय किया था चारो लोग राहुल, रतन, सोनू, जयनेद्र एंव अन्य लोग बाराती उसी मैजिक से ग्राम अनन्तपुर बरात मे गये। द्वार पूजा के बाद राहुल, सोनू, जयनेन्द्र, रतन को जान से मारने की नियत से उसी मैजिक मे बैठाकर ग्राम सरहरी ले गये तथा ग्राम सरहरी (विद्यापतिपुर) पुलिया के पास सुनसान स्थान पाकर पहले हमलोग लात घूसे से मारे उसके बाद रतन का मुंह मैजिक के गियर के पाइप मे डालकर पीछे से सर पर मारा गया उसके बाद मरा नही तो रतन को मैजिक से नीचे उताकर उसके सीने पर मैजिक का एक पहिया चढा दिया गया । उसके बाद रतन को सड़क के किनारे छोड़कर बरात मे पुनः शामिल हो गये।

जब बराती रतन के बारे मे पूछे तो अभियुक्तगण टाल मटोल कर दिये । रतन की हत्या अवैध सम्बन्ध को लेकर उसके मामी शांति देवी के कहने पर राहुल के द्वारा उसके दोस्तो के द्वारा एक प्लान के तहत हत्या की गई । इन अभियुक्तों को पकड़ने में थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजबहादुर, कांस्टेबल मनोज कुमार चौहान, कांस्टेबल मुकेश गौड़, महिला कांस्टेबल बिट्टू कुमारी व महिला कांस्टेबल आरती देवीने मुख्य भूमिका निभाई।