गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा का पानी आचमन योग्य बनाना लक्ष्य : गजेंद्र सिंह शेखावत

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नारस। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को वाराणसी में नमामि गंगे के अंतर्गत चल रही योजनाओं का निरीक्षण और समीक्षा की। इस दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए सरकार दृढसंकल्पित है। उद्गम स्थल गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा की पानी को आचमन योग्य बनाना लक्ष्य है और इसके लिए तेजी से काम हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने वाराणसी में सबसे पहले उन्होंने दीनापुर स्थित 140 एमएलडी की नवस्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। राजघाट पर गंगा प्रहरी वालंटियर से मुलाकात की और प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने नाव से राजघाट से अस्सी घाट तक गंगा में बहने वाली नालों और घाटों का निरीक्षण किया।

इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। वाराणसी में 23 नालों से सीधा पानी गंगा में गिरता था। जिसमें से 20 को एसटीपी से जोड़ दिया गया है जबकि असि सहित तीन नालों को रमना एसटीपी से जोड़ दिया जाएगा जो इस साल पूरा होना प्रस्तावित है। शाम में उन्होंने रमना स्थित एसटीपी का मुआयना किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

गंगा की अविरलता पर उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए उत्तराखंड और झारखंड के सभी प्रोजेक्ट इस वर्ष के अंत तक पूरे हो जाएंगे। कानपुर में टेनरी से होने वाले प्रवाह को रोकने काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा के लिए अविरलता सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए सहायक नदियों की पवित्रता और अक्षुणता के लिए भी काम चल रहा है।