नारस। काशी के प्रसिद्ध धनेसरा तालाब पर किये गए अतिक्रमण को हटाने के लिए आज एसीएम तृतीय व नगर आयुक्त के साथ दो थाने जैतपुरा व आदमपुरा के एसओ सहित दो प्लाटून पीएसी जेसीबी सहित पहुचे थे। इस दौरान इस तालाब पर वर्षों से अपना आधिपत्य जमाये लोगों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने नारेबाजी भी की। अधिकारियों ने सभी को दो दिन की मोहलत दी है। बता दें कि धनेसरा तालाब पर अवैध रूप से बने 21 मकानों के पीले कार्ड को नगर निगम ने निरस्त कर दिया है।

इस सम्बन्ध में नगर निगम के तहसीलदार विनय कुमार राय ने बताया कि यह ज़मीन 4731 नंबर धनेसरा तलाब के नाम से दस्तावेज़ों में अंकित हैं। इसपर कुछ लोगों का स्थायी और अस्थायी कब्ज़ा है उसे हटवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह धनेसरा तालाब की भूमि है उसपर जितना भी अतिक्रमण है उसे हटाया जाएगा।

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मौके पर मौजूद सीओ चेतगंज अंकिता सिंह ने बताया कि इस तालाब पर कई सालों से लोग अवैध रूप से इसपर अतिक्रमण किया गया है। इसपर कई लोगों का अनावश्यक रूप से पटिया रखा गया है। उन्हें इसे हटाने के लिए कहा गया है और दो दिन की मोहलत दी गयी है। यदि नहीं हटाया गया तो इसे हटवाया जाएगा।

वहीँ तालाब पर पटिया की दूकान चलाने वाले नंदलाल यादव ने बताया कि मेरी इस ज़मीन पर 70 वर्षों से इसपर मेरी दुकान है और यह तालाब की नहीं बल्कि रामलीला की ज़मीन है। नंदलाल बने आरोप लगाया कि कुछ भू माफियाओं की नज़र इस भूमि पर है उन्ही से मिलकर नगर निगम यह कार्य करवा रहा है। नंदाल ने बताया कि इसपर कोर्ट का स्थगनादेश भी है जिसकी अवहेलना आज की गयी है। साथ ही हमारा 50 हज़ार का नुक्सान भी हुआ है।

बता दें कि बीते दशहरे में जिस धनेसरा तालाब पर मेंगध भगत द्वारा 1543 में शुरू की गयी रामलीला के दो प्रसिद्द लीला राम गंधैल, जिसमे चित्रकूट जाते समय केवट राम जी के पैर धुलाता है और दुसरे दिन भरत गंधैल, जिसमे भरत श्री राम के पीछे जाते है उस समय उन्हें केवट नदी पार करता है के समय भगवान स्वरुप बीमार पड़ गए थे। उस समय इस तालाब पर अतिक्रमण और गन्दगी की सफाई का मामला उजागर हुआ था।

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