नारस। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश के सभी जनपदों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों संग बैठक कर कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखने को कहा था। साथ ही पुलिस अधिकारीयों को जनपद में कम्यूनिटी पुलिसिंग पर ज़ोर देने को कहा था पर इसके उलट वाराणसी पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है।

शहर की दशाश्वमेध पुलिस के तीन जवानों का एक ई-रिक्शा चालाक को बर्बरता पूर्वक पीटने का वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। फिलहाल इस वायरल वीडियो की जांच के बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

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उत्तर प्रदेश के मुखिया और प्रदेश के पुलिस मुखिया लाख कहें की जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए पर समय समय पर यह तालमेल टूट ही जाता है। ताज़ा मामला वाराणसी के दशाश्वमेध थाने के बगल में कोदईचौकी इलाके का है, जहां एक टोटो चालक को तीन पुलिसकर्मियों ने बर्बरता पूर्वक पीटा और थाने ले गए। इसका वीडियो जब तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो वाराणसी पुलिस के होश उड़ गए।

वहीं इस सम्बन्ध में जब हमने एसएसपी आनंद कुलकर्णी से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद हमने सीओ दशाश्वमेध से इस समबन्ध में जांच करवाई थी।

एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि उक्त ई-रिक्शा चालाक और पुलिसकर्मियों में कुछ बहस हुई थी। रिक्शा चालाक ने भी अभद्रता की थी लेकिन तीन पुलिसकर्मियों द्वारा वहां उसे मारने के बजाये गिरफ्तार कर थाने लाना चाहिए था और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए थी जो उन्होंने ने नहीं किया, इसलिए सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। इसके अलावा उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी ताकि वो भविष्य में फिर ऐसा न कर सकें।

देखें वीडियो

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