नारस। सारनाथ थानाक्षेत्र के तिलमापुर निवासी तीन नाबलिग लड़कियों के घर से अपहरण करने के मामले में रिपोर्ट न लिखने और फिर लिखने के लिए 5 हज़ार रूपये मांगने के आरोप में इंस्पेक्टर सहित दो अन्य दोषी पाए गए हैं। इन सभी के विरुद्ध जांच रिपोर्ट एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी को सौंप दी है। बता दें कि इस मामले में राज्य मंत्री अनिल राजभर के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

जांच रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी ने सीओ कैंट को उक्त पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।

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10 जून की सुबह सारनाथ थानाक्षेत्र के तिलमापुर निवासी एक युवक ने थाने में तहरीर दी की उसकी बहन और पड़ोस की दो अन्य बच्चियों का अपहरण कर लिया गया है। युवक ने आरोप लगाया था कि उसकी तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और रात में मंत्री अनिल राजभर के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 5 हज़ार रुपयों की डिमांड भी की थी।

इस मामले का संज्ञान लेते हुए एडीजी ने इसकी जांच एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह को सौंपी थी। जांच केबाद एसपी सिटी ने बताया की थाने पर तैनात इंस्पेक्टर राजू दिवाकर, दरोगा वीरेंद्र यादव और मुंशी उपेंद्र राय को जांच में दोषी पाया गया। तीनो पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी गयी है।

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