गंगा महासभा ने किया ‘बायो टॉयलेट’ का विरोध, स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा ये महापाप है

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नारस। स्थानीय प्रशासन द्वारा राजेंद्र प्रसाद घाट के पास गंगा की लहरों में बोट बायो टॉयलेट लगाया गया है। इस बॉयो टॉयलेट का विरोध काशी ही नहीं पूरे भारत में शुरू हो गया है। काशी के साधू संतो और आम जनता ने भी इसे गलत ठहराया है वहीँ अब गंगा महासभा ने भी इस कृत्य को महापाप बताते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया है।

गंगा महासभा के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि काशी में मां गंगा के वक्ष स्थल पर बायो टॉयलेट के नाम पर जो प्रशासनिक नौटंकी शुरू हुई है। इससे बड़ा पा दुनिया में और कुछ नहीं हो सकता है। व्यक्ति गंगा किनारे शौच करना पाप समझता है और मां गंगा की छाती पर प्रशासन शौच करवाकर क्या समझना चाहता है। वो भी एक हिंदूवादी सरकार में ऐसी क्रिया, जबकि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी हैं। उनकी नाक के नीचे यह कार्य दुर्भाग्यपूर्ण है।

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने शासन से मांग की कि यह नाव पर लगा बायो टायलेट जल्द से जल्द मां गंगा की गोद से हटाया जाए। अन्यथा पूरी दुनिया में काशी और उत्तर प्रदेश सरकार की थू थू करने में ये प्रशासनिक अधिकारी कोई कोर कसार नहीं छोड़ने वाले।