काशी से अयोध्या जाएगा हुनरबाज़ों का हुनर, कैलीग्राफी से तैयार हुआ नायाब अंगवस्त्रम

वाराणसी। 5 अगस्त को श्रीराम जन्म भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या आ रहे हैं। हमेशा उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री के आगमन पर उन्हें उपहार स्वरुप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अंगवस्त्रम दिया जाता रहा है। यह अंगवस्त्रम हर बार वाराणसी के निवासी पद्मश्री डॉ रजनीकांत के निर्देशन में मास्टर बुनकर बच्चा लाल मौर्या अपने हुनर से सजाते और बनाते हैं।

ऐसे में अयोध्या नगरी पधार रहे प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए और उनके सम्मान के लिए एक बार फिर काशी के हुनर बाज़ मास्टर बुनकर बच्चा लाल मौर्या का जादू हथकरघे पर परवाज़ पा रहा है। बच्चा लाल मौर्या हैंडलूम से जय श्रीराम, अयोध्या पवित्र धाम अंगवस्त्रम पर उकेर रहे हैं। यह अंगवस्त्रम कैलीग्राफी विधि का नायाब नमूना है। इसे मुख्यमंत्री तक ले जाने के लिए कमिश्नर दीपक अग्रवाल से आग्रह किया गया है।

पद्म श्री सम्मान से सम्मानित जी आई विशेषज्ञ डॉ रजनी कांत ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए वाराणसी के मास्टर बुनकर बच्चा लाल मौर्या के द्वारा बीना गया ये अंगवस्त्रम है कैलीग्राफी विधि से बना है, जिसे तैयार करने में लगभग 15 दिन का समय लगा है। हमने कमिश्नर दीपक अग्रवाल से आग्रह किया है कि इस अंगवस्त्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भेजवा दें ताकि पांच अगस्त को देश के ऐतिहासिक दिन काशी के हुनरबाज़ का यह हुनर भी अयोध्या नगरी में भगवान् श्री राम के उत्सव में शामिल हो सके और इससे प्रधानमंत्री का स्वागत हो।

डॉ रजनी कांत ने बताया कि पूर्व में भी प्रधानमंत्री महोदय को काशी के जीआई उत्पाद और ओडीओपी में शामिल सिल्क के अंगवस्त्रम भेंट किये जा चुके हैं। इस अंगवस्त्र में भी सामाजिक समरसता का भाव सर्वोपरि है, शिव और राम के मिलन से पूरे विश्व का कल्याण इस धनुच में निहित है जो इस अंगवस्त्र पर बीना हुआ है।

मास्टर बुनकर बच्चा लाल मौर्या ने बताया कि इस अंगवस्त्रम की डिजाइन, नक्शा, पत्ता, ताना बाना तैयार कर के फिर बुनाई शुरू हुई। इस पूरे कार्य में 15 दिन का समय लगा। पीले रंग के ताने से लाल बाना के द्वारा, हैंडलूम से बीन कर 22 इंच x 72 इंच साइज में जीआई के लोगो के साथ तैयार हुआ।